यह ईएलएफ पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली आपातकालीन लैंडिंग सुविधा है जिसे भारतीय वायुसेना के समन्वय से डिज़ाइन और निर्मित किया गया है। यह सुविधा न केवल सैन्य और नागरिक विमानों के उतार चढ़ाव को सक्षम करेगी बल्कि प्राकृतिक आपदाओं या रणनीतिक आवश्यकताओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों की त्वरित तैनाती को भी सुनिश्चित करेगी। इस ड्यूल यूज़ इंफ्रास्ट्रक्चर में 40 टन तक के लड़ाकू विमान और 74 टन अधिकतम टेक ऑफ वजन वाले परिवहन विमान आसानी से संचालित हो सकते हैं जिससे क्षेत्र की सामरिक क्षमता और आपदा प्रतिक्रिया सुदृढ़ होगी।
डिब्रूगढ़ कार्यक्रम के पश्चात् प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 1 बजे ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन और निरीक्षण करेंगे। लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह 6 लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्रेस्ट्रेस्ड कंक्रीट पीएससी पुल गुवाहाटी को उत्तर गुवाहाटी से जोड़ता है और पूर्वोत्तर भारत का पहला ऐसा पुल है। यह पुल यात्रा समय को मात्र 7 मिनट तक घटाएगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी में एक बड़ी क्रांति लाएगा। भूकंपीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए इसमें फ्रिक्शन पेंडुलम बियरिंग्स के साथ बेस आइसोलेशन तकनीक का प्रयोग किया गया है और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम सुरक्षा तथा दीर्घकालिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगा।
तत्पश्चात् दोपहर लगभग 1:30 बजे प्रधानमंत्री गुवाहाटी के लचित घाट पर एक मुख्य समारोह में 5,450 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ करेंगे। इनमें प्रधानमंत्री ईबस सेवा योजना के अंतर्गत 225 इलेक्ट्रिक बसों का हरी झंडी दिखाकर रवाना करना शामिल है जिससे चार प्रमुख शहरों गुवाहाटी नागपुर भावनगर और चंडीगढ़ में स्वच्छ सुलभ और किफायती सार्वजनिक परिवहन सेवाएँ शुरू होंगी।
प्रधानमंत्री मोदी असम के कामरूप जिले के अमिंगाँव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का भी उद्घाटन करेंगे जिसकी स्वीकृत क्षमता 8.5 मेगावॉट है और यह मिशन क्रिटिकल एप्लिकेशन होस्ट करेगा साथ ही डिजास्टर रिकवरी केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इससे पूर्वोत्तर की सरकारी और नागरिक डिजिटल सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी का भी उद्घाटन करेंगे जिससे उच्च शिक्षा और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रोत्साहन मिलेगा। यह संस्थान पूर्वोत्तर के युवाओं को नेतृत्व और उद्यमिता के अवसर प्रदान करेगा। इस व्यापक दौरे के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न केवल पूर्वोत्तर को रणनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन कर रहे हैं बल्कि क्षेत्र की सामाजिक आर्थिक और तकनीकी प्रगति को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त कर रहे हैं।
