भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर राहुल गांधी और शाकोव्स्की और इल्हान उमर के साथ एक तस्वीर साझा की। गौरतलब है कि इल्हान उमर का भारत विरोधी रुख लगातार चर्चा में बना रहता है। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए भंडारी ने लिखा, “जब भी विदेशों में भारत-विरोधी बातें फैलाई जाती हैं, तो एक नाम बार-बार सामने आता है… जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं, उसकी चुनी हुई सरकार को बदनाम करना चाहते हैं और उसके आतंकवाद-विरोधी कानूनों को कमजोर करना चाहते हैं, वे सब उसके इर्द-गिर्द इकट्ठा होते हैं।” हालांकि, इस दावे पर अभी तक कांग्रेस या राहुल गांधी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सोशल मीडिया साइट पर लिखे अपने पोस्ट में भंडारी ने दावा किया कि 2024 में राहुल गांधी की यात्रा के दौरान वह भारत विरोदी इल्हान उमर और शाकोव्स्की से मिले थे। इस दौरान उन्होंने इल्हान के साथ एक बिल पर भी चर्चा की थी। यह बिल विश्व में इस्लामोफोबिया की निगरानी और उससे निपटने तथा संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए एक कार्यालय के गठन का प्रस्ताव था।
राहुल गांधी पर साजिश का आरोप लगाते हुए भंडारी ने कहा कि उनकी टोली नए तरीके से काम करती है।
2026 की जनवरी में वही जेन शकाव्स्की भारत सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद की रिहाई और केस को लेकर अपनी चिंता जताती हैं। याद रखिए उसी उमर खालिद पर जो कि दंगों के गंभीर आरोपों के चलते जेल में बंद है।
अमेरिकी सांसदों ने क्या लिखा?
डेमोक्रेटिक सांसद शाकोव्स्की और उनके आठ साथियों ने ने भारतीय राजदूत के माध्यम से सरकार को पत्र लिखकर उमर खालिद के मुकदमे को अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि इन आठ सांसदों के पहले न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी उमर खालिद को लेकर पत्र लिखा था।
