शांभवी चौधरी का बयान: बेटियों का सम्मान सर्वोपरि
रोहिणी के बयान पर शांभवी चौधरी, जो लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सांसद और जेडीयू नेता अशोक चौधरी की बेटी हैं, ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह किसी भी परिवार का निजी मामला हो सकता है, लेकिन बेटियों का सम्मान सर्वोपरि है।” शांभवी ने आगे कहा, “बेटों को जो अधिकार मिलते हैं, वही अधिकार बेटियों को भी मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि समाज की एक बड़ी चुनौती है। शांभवी ने यह भी व्यक्त किया कि उन्हें खुशी है कि लालू यादव के परिवार के लोग भी अब राज्य सरकार से सुरक्षा की उम्मीद कर रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया: महिला सुरक्षा पर संजीदगी
इस बयान पर जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा, “नीतीश कुमार हमेशा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर संवेदनशील रहे हैं। अगर रोहिणी ने अपनी चिंता जाहिर की है, तो सरकार इसे गंभीरता से संज्ञान में लेगी।” उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की सक्रियता इस मामले में स्पष्ट है और “जनता देख रही है कि राजद की राजनीति कितनी खोखली हो चुकी है”।
मायके की सुरक्षा और बेटियों के अधिकार की अहमियत
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बेटियों का सम्मान और उनका मायका सुरक्षित होना किसी भी समाज की मजबूती और परिवार की प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिहार में इस मुद्दे पर चल रही बहस सामाजिक चेतना और राजनीतिक जिम्मेदारी दोनों को उजागर करती है, जिससे महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर राज्य सरकार की जिम्मेदारी भी स्पष्ट होती है।
