अयोध्या के संतों ने हनी सिंह के बयान को अशोभनीय और समाज की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। संतों का कहना है कि इस तरह की भाषा न केवल दिल्ली के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देती है।
साधु-संतों ने की सार्वजनिक माफी की मांग
मीडिया से बातचीत में अयोध्या के संत सीताराम दास महंत ने कहा कि दिल्ली की ठंड को लेकर दिया गया हनी सिंह का बयान पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंगर ने मंच से अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर दिल्लीवासियों की भावनाओं का अपमान किया है। महंत ने कहा कि एक कलाकार का काम समाज को सकारात्मक संदेश देना होता है, लेकिन हनी सिंह ने मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी हैं।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हनी सिंह को तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। संतों का मानना है कि सस्ती लोकप्रियता और पैसे के लिए इस तरह की अश्लीलता फैलाना समाज के लिए घातक है।
“हनी सिंह समाज के लिए कलंक”
साधु-संतों ने अपने बयान में कहा, “हनी सिंह समाज के लिए कलंक हैं। वे मशहूर जरूर हैं, लेकिन ज्ञान और संस्कार के मामले में नहीं। मंच से दिए गए उनके शब्द माताओं और बहनों का अपमान हैं, जो किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं।” संतों का कहना है कि ऐसे बयानों पर सख्त प्रतिक्रिया और कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी कलाकार इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न करे।
अश्लीलता समाज के लिए खतरा: महामंडलेश्वर
महामंडलेश्वर विष्णु दास ने भी हनी सिंह के बयानों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हनी सिंह एक गायक हैं, लेकिन जिस तरह की भाषा का प्रयोग वे कर रहे हैं, वह समाज में गंदगी फैलाने का काम कर रही है। महामंडलेश्वर ने कहा कि मौसम कुदरत की देन है और उसे लेकर इस तरह की अभद्र टिप्पणियां करना बिल्कुल अनुचित है।
उन्होंने कहा कि जब कोई कलाकार मंच पर आता है, तो उसकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। लेकिन हनी सिंह ने अपनी जिम्मेदारी को नजरअंदाज करते हुए अश्लीलता फैलाई है। महामंडलेश्वर ने दो टूक कहा कि हनी सिंह को दिल्ली की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई भी होनी चाहिए।
