मृतसर । सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भावुक ऑडियो क्लिप ने पाकिस्तान में लापता हुई भारतीय सिख महिला सरबजीत कौर के मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। पंजाब के कपूरथला जिला स्थित अमनपुरी गांव की रहने वाली सरबजीत कौर पिछले वर्ष पाकिस्तान में धार्मिक तीर्थयात्रा के दौरान लापता हो गई थीं। बाद में उनके एक पाकिस्तानी युवक से विवाह की खबरें सामने आई थीं।
वायरल ऑडियो में सरबजीत कौर कथित तौर पर अपने पूर्व पति से भारत वापस ले जाने की गुहार लगाती सुनाई दे रही हैं। ऑडियो में वह दावा करती हैं कि पाकिस्तान में उनके साथ लगातार उत्पीड़न हो रहा है और उनकी हालत बेहद खराब है। वह यह भी कहती हैं कि भारत लौटने के बाद उन्हें डांटा न जाए, क्योंकि वह पहले से ही पूरी तरह टूट चुकी हैं।
शादी, गिरफ्तारी और शेल्टर होम
सरबजीत कौर ने पाकिस्तान पहुंचने के एक दिन बाद स्थानीय मुस्लिम युवक नासिर हुसैन से विवाह कर लिया था। नासिर हुसैन पाकिस्तान के शेखूपुरा जिले का निवासी है, जो लाहौर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। इस विवाह के बाद सरबजीत को गिरफ्तार कर लाहौर के एक सरकारी शेल्टर होम (दारुल अमान) भेज दिया गया।
बाद में सरबजीत कौर और नासिर हुसैन ने लाहौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि पुलिस ने शेखूपुरा के फरीकाबाद स्थित उनके घर पर अवैध छापा मारा और शादी खत्म करने का दबाव बनाया। इस पर लाहौर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति फारूक हैदर ने पुलिस को दंपति को परेशान न करने के आदेश दिए थे।
कोर्ट आदेश के बावजूद कार्रवाई का आरोप
पंजाब सरकार के एक सूत्र ने बताया कि अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस ने दंपति को हिरासत में ले लिया।
आर्थिक तंगी और जान का डर
वायरल ऑडियो में सरबजीत कहती हैं कि भारत में आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद पाकिस्तान में उन्हें एक भी रुपया नहीं मिल रहा है। वह आरोप लगाती हैं कि नासिर हुसैन की पहली पत्नी ने उन्हें धोखा दिया और पूरी तरह अकेला छोड़ दिया।
ऑडियो में सरबजीत अपनी जान को खतरा भी बताती हैं। वह कहती हैं कि भारत में रहते हुए उन्होंने पहले भी जहरीला पदार्थ खाया था और यदि परेशान किया गया तो ऐसा दोबारा भी कर सकती हैं। वह अपने बच्चों की याद में टूटती हुई सुनाई देती हैं और पूर्व पति से कहती हैं कि बच्चों को बता दिया जाए कि उनकी मां बेहद दुखी है।
तीर्थयात्रा के दौरान हुई थीं लापता
सरबजीत कौर 1,932 सदस्यीय भारतीय सिख जत्थे के साथ 4 नवंबर को पाकिस्तान गई थीं। यह जत्था सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की 556वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोहों में शामिल होने के लिए अटारी-वाघा सीमा पार कर गया था।
दस दिनों की इस तीर्थयात्रा में जत्थे ने गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा सच्चा सौदा और गुरुद्वारा दरबार साहिब जैसे ऐतिहासिक सिख धर्मस्थलों के दर्शन किए।
जब जत्था 13 नवंबर को भारत लौटा, तो सरबजीत कौर उसके साथ वापस नहीं आईं। तभी से उनका मामला रहस्यमय बना हुआ है।
इससे पहले, एक वीडियो में कौर ने कहा कि उन्होंने अपने वीजा की अवधि बढ़वाने के लिए इस्लामाबाद में राजनयिक मिशन से संपर्क किया और पाकिस्तानी नागरिकता के लिए भी आवेदन किया। उन्होंने कहा- मैं तलाकशुदा हूं और हुसैन से शादी करना चाहती थी; मैं यहां इसी उद्देश्य से आई हूं।
निकाह समारोह से पहले कौर को नूर नाम दिया गया था। उन्होंने कहा- मैंने हुसैन से खुशी-खुशी शादी की।’ पंजाब के पंजाब विधानसभा के पूर्व सदस्य महिंदर पाल सिंह ने लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि यह संदेह है कि वह एक भारतीय जासूस हैं। उन्होंने कहा- वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद पाकिस्तान में रहना एक अवैध कृत्य है। यह मामला पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है।
