पहले सड़क मार्ग से दिल्ली-मेरठ की दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे। अब यह समय एक तिहाई रह जाएगा। खासकर नौकरी, पढ़ाई या मेडिकल विजिट के लिए दिल्ली आने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जनता के लिए खुल जाएगा। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने वाली नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन भी पूरा कर लिया है। ट्रायल में ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए लगभग 39 मिनट में दूरी तय की।
कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 80 किलोमीटर है, जिसे अब लगभग 55 मिनट में कवर किया जा सकेगा। 2019 में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी और अब यह पूरी तरह तैयार है।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से चालू था। न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक ट्रेनें पहले ही दौड़ रही हैं। अब सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक लगभग पांच किलोमीटर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर का सेक्शन भी ऑपरेशन के लिए तैयार हो गया है। इससे पूरी लाइन एक साथ जुड़ जाएगी और सराय काले खां से बेगमपुल तक सीधा सफर मुमकिन होगा।
इस नई सेवा की सबसे बड़ी खासियत है समय की बचत। पहले की तुलना में अब यात्रियों को दिल्ली आने में काफी कम समय लगेगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को हर दिन घंटों की बचत होगी।
किराये को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सराय काले खां से बेगमपुल तक का टिकट कितना होगा, इसे अंतिम चरण में तय किया जा रहा है। माना जा रहा है कि हाई-स्पीड और आधुनिक रैपिड रेल सुविधा को ध्यान में रखते हुए किराया पारंपरिक ट्रेनों से अलग हो सकता है। फिलहाल यात्रियों को टिकट की कीमत जानने के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि दिल्ली और मेरठ के बीच कनेक्टिविटी में भी नई गति लाएगी। यह उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो रोजाना काम, पढ़ाई या मेडिकल अपॉइंटमेंट्स के लिए राजधानी और मेरठ के बीच सफर करते हैं।
