संभल हिंसा की भयावहता
24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के आसपास सर्वे के दौरान जब स्थानीय अदालत के आदेश पर कार्रवाई की गई, तो वहां भीड़ और पुलिस के बीच टकराव हुआ। पत्थरबाजी, आगजनी और गोलीबारी के दौरान कई लोगों की मौत हुई जबकि कई अन्य घायल हुए। हिंसा के समय अधिकारी इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद थे, लेकिन हालात पूरी तरह काबू से बाहर हो गए।
शारिक साठा की भूमिका और अपराध इतिहास
जांच में पुलिस और एसआईटी ने पाया कि इस हिंसा के पीछे संगठित साजिश थी और इसमें शारिक साठा का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया। शारिक साठा पिछले कई सालों से अपराध की दुनिया से जुड़ा रहा है और दुबई से सक्रिय है। पुलिस के अनुसार उसने हथियारों की आपूर्ति और भीड़ भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और स्थानीय सहयोगियों के जरिए घटनाओं को निर्देशित किया।
कानूनी कार्रवाई और लुकआउट सर्कुलर
शारिक साठा के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है और उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया है। इसके अलावा, इंटरपोल रैड कॉर्नर नोटिस के जरिए उसे विदेश से पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साठा के खिलाफ विभिन्न थाना क्षेत्रों में कई नई एफआईआर दर्ज की गई हैं और अदालत ने उसकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश भी दिया है।
संपत्ति कुर्की और प्रशासनिक कदम
आज सुबह इलाके में मुनादी कर शारिक साठा के घर की कुर्की की जा रही है। प्रशासन ने उसके घर और गैंग की संपत्ति जब्त करने जैसे कदम उठाए हैं ताकि उसके अपराध नेटवर्क पर लगाम लगाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल शारिक साठा बल्कि उसके सहयोगी भी असुरक्षित महसूस करेंगे और भविष्य में अपराध गतिविधियों में कमी आएगी।
संभल में शांति बनाए रखने की चुनौती
शारिक साठा के खिलाफ यह कार्रवाई संभल हिंसा की न्याय प्रक्रिया को तेज करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने का प्रयास है। पुलिस ने कहा कि साठा का पकड़ाया जाना कानून के हाथों में निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। स्थानीय लोग प्रशासन की इस कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में हिंसा
जैसी घटनाओं पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
