भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर 2026) क अंतर्गत गणना पत्रकों के डिजिटलाइजेशन का कार्य तेज गति से जारी है। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) संजीव कुमार झा ने बताया कि बुधवार शाम तक 4 करोड़ 39 लाख से अधिक गणना पत्रकों का डिजिटलाइजेशन पूरा हो चुका है, जो कुल कार्य का लगभग 80 प्रतिशत है।
सीईओ झा ने बताया कि प्रदेश के 7 जिलों ने 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इन जिलों में— अशोकनगर – 96%, बैतूल – 93%, सीहोर – 92.5%, सीधी – 90.6%, शाजापुर – 90.5%, नीमच – 90.14%, मंदसौर/नीमच (दूसरा आंकड़ा) – 90.1% इसके अलावा प्रदेश के 45 जिलों में 73% से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने डिजिटलाइजेशन में लगे सभी शासकीय सेवकों, बीएलओ तथा सहयोगी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शत-प्रतिशत कार्य इसी सप्ताह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने जिलों को निर्देशित किया है कि निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य को पूर्ण करने के लिये सभी आवश्यक संसाधनों एवं जनसहयोग का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
मतदाता सरलता से दर्ज कर सकते हैं एसआईआर से संबंधित शिकायतें
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने जानकारी दी है कि मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी अपनी सभी शिकायतें सरल, पारदर्शी और प्रभावी माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं, जिनके समयबद्ध समाधान की व्यवस्था राज्यभर में सुनिश्चित की गई है। फॉर्म वितरण, डाटा सत्यापन, बीएलओ संपर्क, मतदाता सूची त्रुटियों और अन्य निर्वाचन कार्यों से संबंधित शिकायतों के लिए प्रदेश में व्यापक शिकायत निवारण प्रणाली संचालित है।
मतदाता अपनी शिकायतें राष्ट्रीय मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं, जो एक टोल-फ्री सेवा है। शिकायत दर्ज होते ही कॉल करने वाले को एक टोकन आईडी प्रदान की जाती है, जिसके माध्यम से वह बाद में अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकता है। ऑनलाइन सुविधा के रूप में राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (एनवीएसपी) में भी शिकायत पंजीकृत की जा सकती है, जहाँ पोर्टल के ‘कम्प्लेंट’ सेक्शन में जाकर शिकायत का प्रकार चुनने, आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने और सबमिट करने पर यह शिकायत सीधे जिला या राज्य निर्वाचन कार्यालय तक पहुँच जाती है और उसका निवारण तय समय-सीमा में किया जाता है।
प्रत्येक जिले में कलेक्टर (जिला निर्वाचन अधिकारी), ईआरओ, एईआरओ और निर्वाचन शाखा के माध्यम से भी मतदाता लिखित शिकायतें जमा कर सकते हैं। स्कैन की गई शिकायतें जिले के अधिकृत ईमेल पते पर भेजने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त मतदाता अपनी शिकायतें मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश या भारत निर्वाचन आयोग को ईमेल के माध्यम से भी भेज सकते हैं, जिन पर नियमानुसार संज्ञान लिया जाता है।
मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े किसी भी विषय जैसे एनुमरेशन फॉर्म न मिलना, जानकारी का गलत संकलन, बीएलओ की अनुपस्थिति या व्यवहार संबंधी शिकायतें, मतदाता सूची में नाम जुड़ने, कटने अथवा स्थानांतरण से संबंधित त्रुटियाँ, पोलिंग बूथ की समस्याएँ, दिव्यांगजन सुविधाओं में कमी संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
शिकायतों के समाधान के लिए राज्य में स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित है। सामान्य शिकायतों का निवारण सात से पन्द्रह दिनों के भीतर किया जाता है, जबकि तात्कालिक या महत्वपूर्ण शिकायतों पर एक से तीन दिनों के भीतर कार्रवाई की जाती है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि “हमारा उद्देश्य विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और उत्तरदायी बनाना है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और समाधान की पारदर्शिता एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।“
