राज ठाकरे ने लिखा, “राजनीति में सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है। मुझे नहीं पता कि अजित पवार को इसके लिए कितनी कीमत चुकानी पड़ी होगी।” उन्होंने पवार के व्यक्तित्व, प्रशासनिक पकड़ और राजनीति में उनके योगदान को याद करते हुए बताया कि वे महाराष्ट्र की प्रशासनिक और विकास की राजनीति में एक अलग और मजबूत छवि रखते थे।
कम समय में शिखर तक पहुंचे
राज ठाकरे ने कहा कि अजित पवार ने बहुत कम समय में राजनीतिक शिखर तक अपनी जगह बनाई। “हमने लगभग एक ही समय में राजनीति में कदम रखा, हालांकि हमारी जान-पहचान बाद में हुई। लेकिन उनकी राजनीतिक समझ और जुनून ने उन्हें शिखर तक पहुंचाया। पिंपरी-चिंचवड़ और बारामती में उनके योगदान को उनके विरोधी भी स्वीकार करते हैं,” ठाकरे ने लिखा।
प्रशासन पर मजबूत पकड़
राज ठाकरे ने पवार की प्रशासनिक क्षमता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि अजित पवार जानते थे कि अटकी हुई फाइलों को कैसे आगे बढ़ाया जाए। “अगर कोई काम संभव नहीं था, तो वे सामने से मना कर देते थे। और अगर हो सकता था, तो उसे पूरा करने में अपनी पूरी ताकत झोंक देते थे। उनके पास साफगोई और ईमानदारी की अनूठी पहचान थी, जिसकी कीमत उन्होंने चुकाई।”
राज ठाकरे ने कहा कि अजित पवार जातिवाद से मुक्त राजनीति करने वाले नेताओं में से एक थे। आज के समय में ऐसे नेता दुर्लभ हैं। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा में विरोध व्यक्तिगत दुश्मनी में नहीं बदला जाता था, और अजित पवार इस परंपरा का उदाहरण थे।
संवेदनाएं और श्रद्धांजलि
पोस्ट के अंत में राज ठाकरे ने लिखा, “मेरे परिवार और MNS की ओर से पवार परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं। अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके असमय निधन से महाराष्ट्र की प्रशासनिक क्षमता और विकास की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई भविष्य में आसान नहीं होगी।
