जयपुर । वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय शुक्रवार को हरियाणा की शिप्रा शर्मा के साथ जयपुर में विवाह बंधन में बंध गए। होटल के जयगढ़ लॉन में तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर बनाए गए भव्य मंडप में वैदिक रीति-रिवाज से शादी की मुख्य रस्में करीब तीन घंटे तक चलीं।इस हाई-प्रोफाइल शादी में देश के कई प्रमुख संत और सेलिब्रिटी शामिल हुए।
दूल्हे के पीछे बैठे पंडित धीरेंद्र शास्त्री
शादी की रस्मों का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि दूल्हे इंद्रेश उपाध्याय के पीछे माता-पिता के साथ पंडित धीरेंद्र शास्त्री मौजूद थे।फेरे की रस्म के दौरान कथावाचक देवी चित्रलेखा, भागवत प्रभु सहित कई साधु-संत और वीआईपी मौजूद रहे।शादी में पहुंचे कवि कुमार विश्वास ने धीरेंद्र शास्त्री की ओर इशारा करते हुए मजाकिया अंदाज़ में कहा कि, अब इन्हीं का नंबर है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इंद्रेश उपाध्याय को अपना अनुज बताते हुए कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि यह शादी वैदिक परंपरा के साथ हो रही है। उन्होंने कहा कि वह दूल्हा-दुल्हन को शुभकामना देने आए हैं और उनके लिए विशेष उपहार भी लाए हैं।
101 पंडितों ने पूरी कराई रस्में सनातनी माहौल
इस शाही शादी में हरिद्वार, नासिक और वृंदावन से आए 101 पंडितों ने फेरे और सभी रस्में पूरी करवाईं।डीजे अंश नरूला ने बताया कि यह उनका पहला मौका था जब उन्होंने शादी के संगीत कार्यक्रम में केवल भजन और लोक गीत गाए। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से सनातनी माहौल में हुआ एक अभूतपूर्व समारोह था। भजन गायिका मान्या अरोड़ा ने भी शादी में ट्रेडिशनल बधाई और मंगल गीत गाए। वैदि मंत्रोच्चार के बीच इंद्रेश उपाध्याय ने दुल्हन शिप्रा शर्मा की मांग में सिंदूर भरा जिसके बाद फूलों की वर्षा की गई और नवदंपती को ओडिशा के जगन्नाथ पुरी का प्रसाद आशीर्वाद स्वरूप प्रदान किया गया।
इस शादी में 500 वीआईपी के शामिल होने की संभावना है, जिनमें यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई बड़े नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है। इंद्रेश उपाध्याय भक्ति और कथावाचन की दुनिया में आज युवा पीढ़ी के बीच बेहद लोकप्रिय कथावाचक हैं। वृंदावन में जन्मे और धार्मिक परिवार की परंपरा से जुड़े इंद्रेश ने मात्र 13 साल की उम्र में श्रीमद्भागवत महापुराण कंठस्थ कर लिया था। उनके पिता कृष्णचंद शास्त्री ‘ठाकुर जी’ ही उनके पहले गुरु थे। इंद्रेश ने धर्म ज्ञान और भक्ति को संस्थागत रूप देने के लिए भक्तिपथ संगठन की स्थापना की है और ऑनलाइन धार्मिक कोर्स भी चलाते हैं।
उनकी कथावाचन शैली सरल शांत और युवा-अनुकूल है। वह भजन और संगीत को कथा के साथ जोड़ते हैं जैसे राधा गोरी और बॉलीवुड सिंगर बी प्राक के साथ भी एल्बम रिलीज़ कर चुके हैं। Gen Z में उनकी लोकप्रियता उनके आधुनिक दृष्टिकोण शांत स्वभाव और जीवन को सरल तरीके से समझाने की कला के कारण है। श्रीमद् भागवत और अन्य धार्मिक ग्रंथों के माध्यम से उनके प्रवचन भक्तों के हृदय को गहराई से छूते हैं और जीवन में आध्यात्मिक संदेश पहुँचाते हैं।
