नई दिल्ली । पहलवान सुशील कुमार ने सागर धनखड़ हत्याकांड मामले में नियमित जमानत के लिए एक नई याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने बदल चुकी परिस्थितियों का हवाला देते हुए अदालत से जमानत की अपील की है। उनका कहना है कि रोहिणी कोर्ट में मामले के सभी अहम गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, जिससे अब गवाहों पर दबाव डालने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोई आशंका नहीं रही है। सुशील कुमार ने अदालत में अपनी याचिका में दावा किया है कि अभियोजन पक्ष के सभी महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ पूरी हो चुकी है। अब चूंकि मामले में कोई भी नया तथ्य सामने आने की संभावना नहीं है इसलिए नियमित जमानत दी जाए।
उनके वकील आर.एस. मलिक ने यह भी बताया कि सुशील कुमार का स्वास्थ्य लंबे समय से जेल में रहने के कारण बिगड़ने लगा है और अब न्यायिक हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं रह गया है। कभी सुशील कुमार को 2021 में सागर धनखड़ हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली के मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में उनका नाम आरोपियों में था। इस मामले में पहलवान सुशील कुमार और उनके साथियों पर आरोप है कि 4-5 मई 2021 की रात सागर धनखड़ को अगवा कर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम के पार्किंग क्षेत्र में ले जाकर उन पर हमला किया था जिससे उनकी मौत हो गई थी।
इसके बाद, मार्च 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट से सुशील कुमार को नियमित जमानत मिल गई थी, लेकिन 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने यह जमानत रद्द कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले के सभी अहम गवाहों से पूछताछ पूरी नहीं हुई थी इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि जब तक गवाहों के बयान दर्ज नहीं होते, तब तक आरोपी को जमानत नहीं मिल सकती। हालांकि कोर्ट ने यह संभावना भी जताई थी कि यदि परिस्थितियां बदलती हैं तो आरोपी फिर से जमानत की याचिका दायर कर सकता है।
अब, सुशील कुमार की ओर से दाखिल की गई नई याचिका में यह तर्क दिया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक परिस्थितियां अब बदल चुकी हैं। अब तक 222 गवाहों में से 42 अहम गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं जिसमें घायल पक्ष के सदस्य भी शामिल हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि मामले में अब अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज किए जा रहे हैं और इस दौरान सबूतों से छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने का कोई कारण नहीं रह गया है। रोहिणी कोर्ट में मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई हो सकती है और अदालत से उम्मीद की जा रही है कि सुशील कुमार को जमानत मिलने की संभावना है खासकर जब उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। अदालत इस याचिका पर अगली सुनवाई के दौरान फैसला ले सकती है।