जांच में खुली कंपनी की सच्चाई
Invest UP के CEO विजय किरन आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर MoU की समीक्षा की गई। कंपनी को नोटिस भेजकर उसका बिजनेस प्लान, वित्तीय स्थिति और DPR (Detailed Project Report) मांगी गई थी। जवाब देने के लिए 3 दिन का समय दिया गया, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
समय पर नहीं दिए जरूरी दस्तावेज
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, 23 मार्च 2026 को समझौते के बाद जब कंपनी की गहराई से जांच की गई तो कई खामियां सामने आईं। कंपनी जरूरी दस्तावेज समय पर जमा नहीं कर सकी वित्तीय स्थिति कमजोर पाई गई निवेश के लिए फंड का स्रोत स्पष्ट नहीं था इन वजहों से सरकार को MoU रद्द करना पड़ा। इस निवेश को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। अखिलेश यादव ने 25,000 करोड़ रुपये के इस निवेश पर सरकार को घेरा था और इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे।
सरकार ने क्यों लिया फैसला
सरकार का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना के लिए कंपनी के पास न तो पर्याप्त वित्तीय क्षमता थी और न ही भरोसेमंद दस्तावेज। सभी पहलुओं की जांच के बाद राज्य सरकार ने फिलहाल इस समझौते को रद्द कर दिया है, ताकि किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके।
क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश सरकार निवेश बढ़ाने के लिए बड़े-बड़े समझौते कर रही है। इसी कड़ी में ‘Puch AI’ के साथ 25,000 करोड़ रुपये का MoU किया गया था। लेकिन शुरुआती जांच में ही कंपनी की विश्वसनीयता पर सवाल उठ गए, जिसके चलते यह बड़ा निवेश प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही रद्द हो गया।
