कलाकारों की उत्साही प्रस्तुतियां और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान
कलाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व का क्षण है। मणिपुर से आए कलाकारों ने बताया कि वे पहले भी प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और इस बार भी उनसे मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं। देवी दुर्गा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों ने इसे श्रद्धा का अवसर बताया। इसी प्रकार, गुजरात के कलाकारों ने गरबा प्रस्तुत कर स्थानीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। तीर्थयात्रियों का उत्साह भी देखने योग्य है। एक तीर्थयात्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से सोमनाथ में माहौल और भी उत्साहित हो गया है और बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने पहुंचे हैं।
शौर्य यात्रा और 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक महत्व
सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा का आकर्षण 108 घोड़े बने हुए हैं। यह औपचारिक शोभा यात्रा प्राचीन काल के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली जाती है। 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस वीरता, बलिदान और शौर्य का संदेश देता है। यात्रा के दौरान घोड़ों की रवानगी और भव्य झांकियां दर्शकों का मन मोह रही हैं। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा और ऐतिहासिक गौरव को याद दिलाने का प्रतीक भी है।
प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम और जनसभा
शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा यह पर्व स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर विशेष उत्साह का केंद्र बना हुआ है।
