यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक गेराश के पास आया यह 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल सूचना नहीं है, हालांकि स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पूरी स्थिति स्पष्ट होने में कुछ समय लग सकता है।
हमलों के बीच कांपा ईरान
इजरायल और अमेरिका ने शनिवार से ईरान पर अपने हमले तेज कर रखे हैं। इन एयरस्ट्राइक में देश के कई हिस्सों में भारी तबाही की खबरें हैं। मंगलवार को तेहरान से लगभग 800 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व स्थित केरमान एयर बेस पर हुए हमले में कम से कम 13 ईरानी सैनिकों के मारे जाने की सूचना है। बताया गया है कि एक सैन्य हेलीकॉप्टर को निशाना बनाकर हमला किया गया।
अमेरिका और इजरायल का कहना है कि उनका उद्देश्य ईरान के मिसाइल भंडार और सुरक्षा ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करना है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ नेता और सैन्य अधिकारी मारे गए हैं।
लंबे अभियान की तैयारी
इजरायली सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने कहा है कि उनकी सेना ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले अभियान की तैयारी कर रही है। हालांकि फिलहाल जमीनी सेना उतारने की कोई योजना नहीं है और हवाई हमलों के जरिए ही ईरान की सैन्य क्षमता और सत्ता ढांचे को कमजोर किया जाएगा।
ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है। मिसाइल हमलों के जरिए इजरायल और अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने इजरायल के अलावा सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी बेस पर मिसाइलें दागी हैं। सैन्य तनाव के इस दौर में आए भूकंप ने हालात को और जटिल बना दिया है, जिससे प्रभावित इलाकों में दहशत और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
