प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बात की। हमने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर अपनी साझा चिंताओं और संवाद एवं कूटनीति की ओर लौटने की आवश्यकता पर चर्चा की। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए घनिष्ठ रूप से जुड़े रहेंगे और प्रयासों का समन्वय करेंगे।
दरअसल, यह फोन कॉल ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व का संघर्ष तेजी से फैल रहा है और अब यह भारत के निकटवर्ती क्षेत्रों तक पहुंच गया है। बुधवार को श्रीलंका के तट से कुछ दूर अंतरराष्ट्रीय जल में अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो से नष्ट कर दिया। इस हमले में कम से कम 80 से अधिक नाविकों की मौत हो गई, जबकि श्रीलंका की नौसेना ने 32 लोगों को बचाया। जहाज में कुल 180 लोग सवार थे। बता दें कि यह ईरानी फ्रिगेट कुछ दिन पहले ही भारत में हुए अंतरराष्ट्रीय नौसेना अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद लौट रहा था।
बता दें कि ईरान इजरायल और अमेरिका संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त सैन्य हमलों से हुई, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी हमलों की शुरूआत की, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। पिछले कुछ दिनों में दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का दौर जारी है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने श्रीलंका तट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और इसे ‘बिना किसी चेतावनी के अत्याचार’ करार दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस मिसाल पर गहरा अफसोस होगा।
