ढाका-3 सीट से जीतने वाले गोयेश्वर चंद्र रॉय को नई कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना है। 1951 में जन्मे रॉय BNP के स्थायी समिति सदस्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वह खालिदा जिया की BNP सरकार में 1991-1996 के बीच राज्य मंत्री रह चुके हैं और पर्यावरण, वन, मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालयों का प्रभार संभाल चुके हैं। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, गोयेश्वर चंद्र रॉय और उनके समधी निताई रॉय चौधरी ने हाल ही में चुनाव में जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवारों को हराया।
BNP के प्रधान तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय और अन्य पांच मंत्रालय अपने पास रखने की संभावना पर विचार कर रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत निर्वाचित सांसद तीन दिन के भीतर शपथ लेंगे और उसी दिन कैबिनेट गठन की प्रक्रिया पूरी होगी।
कैबिनेट में कुल 30 से 40 सदस्य शामिल होने की संभावना है। चर्चा के अनुसार, विदेश मंत्री पद के लिए हुमायूं कबीर, वित्त मंत्री के लिए डॉ. रेजा किब्रिया, वाणिज्य मंत्रालय के लिए आमिर खुसरो महमूद चौधरी और कानून मंत्रालय के लिए पूर्व अटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्जमान पर विचार चल रहा है। अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी जैसे गृह, स्थानीय सरकार, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य और सूचना मंत्रालयों के लिए वरिष्ठ नेताओं के नामों पर चर्चा जारी है।
गोयेश्वर चंद्र रॉय का BNP और जिया परिवार के साथ गहरा संबंध है और वे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने अपने भाषणों में बार-बार यह जताया है कि बांग्लादेश में हिंदू या अन्य अल्पसंख्यक नागरिक समान अधिकारों के हकदार हैं।
इस चुनावी सफलता और कैबिनेट गठन के संकेतों के बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए राजनीतिक प्रतिनिधित्व मजबूत होने की संभावना है। BNP की नई सरकार के गठन के बाद गोयेश्वर चंद्र रॉय की भूमिका पर सभी की नजर रहेगी।
