वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया (West Asia Conflict) में एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे संघर्ष में हालात अब विस्फोटक और बेकाबू हो चुके हैं। इस्राइल और अमेरिका (Israel and America) का ईरान (Iran) के साथ जारी भीषण टकराव अब अपने 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात ज्यादा खतरनाक रूप ले चुका है। मिसाइलों की बारिश और लगातार धमाकों ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। यह युद्ध अब सीमाओं को तोड़कर वैश्विक खतरा बन गया है, जहां हर पल विनाश और अनिश्चितता का साया गहराता जा रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत और अजरबैजान (India and Azerbaijan) के बीच कूटनीतिक स्तर पर अहम बातचीत हुई है। अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बेरामोव ने भारत के राजदूत अभय कुमार से मुलाकात कर क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर चिंता जताई। खासतौर पर ईरान में जारी हालात और उसके असर को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इस दौरान भारतीय पक्ष ने ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में अजरबैजान द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
पिछले कुछ हफ्तों में कई भारतीय नागरिक ईरान से निकलकर जमीनी रास्ते से अजरबैजान पहुंचे हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब क्षेत्र में संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। इस बैठक में भारत और अजरबैजान के बीच संबंधों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित संवाद से आपसी सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है।
ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को भी अहम बताया गया। भारतीय कंपनी ONGC विदेश की अजरबैजान के तेल क्षेत्रों और पाइपलाइन प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी को द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया।
तेहरान में US-इस्राइली हमले में ईरान के वरिष्ठ सलाहकार कमाल खराजी घायल
ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सलाहकार कमाल खराजी तेहरान में हुए अमेरिकी-इस्राइली हमले में घायल हो गए। यह जानकारी ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी के हवाले से सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को तेहरान के रिहायशी इलाकों पर हुए हमले में खराजी को चोटें आईं। हालांकि उनकी स्थिति कितनी गंभीर है, इस बारे में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
इस्राइली हमलों से बेहाल बेरूत: 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर
इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच जारी संघर्ष ने लेबनान की राजधानी बेरूत को मानवीय संकट के केंद्र में ला खड़ा किया है। लगातार हो रहे इस्राइली हमलों और निकासी आदेशों के कारण 10 लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की तलाश में पलायन कर चुके हैं। दक्षिण और पूर्वी लेबनान के गांव लगभग खाली हो चुके हैं, जबकि बेरूत अब शरण लेने वाले लोगों से भरता जा रहा है। शहर के समुद्री किनारों, पार्कों और सड़कों पर अस्थायी टेंट बस गए हैं। कई परिवार दुकानों, मस्जिदों और यहां तक कि अपनी कारों में रहने को मजबूर हैं।
