अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों का जादू
महज भारत तक सीमित नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, यूके, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड समेत कई देशों के पतंगबाजों ने अनोखे डिजाइन और विविध आकृतियों वाली पतंगों के साथ अपने करतब दिखाए। इसके साथ ही बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु सहित भारत के आठ राज्यों से आए पतंगबाजों ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उत्सव में बड़ी संख्या में दर्शक और मेहमान
महोत्सव में जनता की भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में मेहमानों के लिए वडोदरा की विशेष ऊंझा जलेबी की व्यवस्था की गई, जिसने इस उत्सव को और भी यादगार बना दिया।
सांसद डॉ. हेमांग जोशी की प्रतिक्रिया
वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने कहा कि वडोदरा में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव बहुत ही जोरशोर से आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम में 20 से अधिक देशों के विदेशी मेहमान शामिल हुए। उन्होंने बताया कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए दृष्टि का परिणाम है। उन्होंने कहा कि महोत्सव में वसुधैव कुटुंबकम का दृश्य विशेष रूप से देखने को मिला।
म्युनिसिपल कमिश्नर अरुण महेश बाबू का संदेश
वडोदरा महानगरपालिका के म्युनिसिपल कमिश्नर अरुण महेश बाबू ने बताया कि यह कार्यक्रम गुजरात टूरिज्म, जिला प्रशासन और महानगरपालिका के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि विदेशों और भारत के विभिन्न राज्यों से आए लोग वडोदरा की जनता के साथ मिलकर महोत्सव को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए वडोदरा की जनता को इस कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी।
उत्सव की खासियत
इस महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि देश-विदेश के पतंगबाजों और स्थानीय प्रतिभागियों ने मिलकर रंगीन और विविध पतंगों से वडोदरा के आसमान को सजाया। दर्शकों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि यह महोत्सव सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक भावना को भी मजबूत करने वाला अवसर साबित हुआ।
