ईरान के स्थायी मिशन ने X पर बयान में लिखा ईरान की सभ्यता 7 000 वर्षों से अधिक पुरानी है जबकि अमेरिका का इतिहास मुश्किल से 250 साल का है। सभ्यताओं की पहचान उनके इतिहास संस्कृति और मानवता के योगदान से होती है। दुनिया आज भी उन ज्ञान और योगदान की ऋणी है जो ईरानी विद्वानों ने हजारों वर्षों में मानवता को दिए हैं। ऐसी सभ्यता को बमबारी से नष्ट नहीं किया जा सकता।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मिडिल ईस्ट में ईरान को स्टोन एज में वापस भेजने की धमकी दी थी। इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने करारा तंज किया।
ईरानी दूतावास ने कहा स्टोन एज? जब आप गुफाओं में आग की तलाश कर रहे थे तब हम साइरस सिलेंडर पर मानवाधिकारों के बारे में लिख रहे थे। हमने सिकंदर और मंगोलों के आक्रमणों को झेला और फिर भी कायम रहे क्योंकि ईरान सिर्फ एक देश नहीं बल्कि एक सभ्यता है।
इसी बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर सैयद माजिद मूसावी ने भी अमेरिका को आड़े हाथों लिया। उन्होंने X पर लिखा अमेरिका अपने सैनिकों को मौत की ओर धकेल रहा है और वॉशिंगटन की बयानबाजी हॉलीवुड की काल्पनिक फिल्मों जैसी है। आप अपनी 250 साल पुरानी इतिहास के दम पर 6 000 साल पुरानी सभ्यता को धमका रहे हैं। यह आपकी कमजोर सोच को दर्शाता है।
ज्ञात हो कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा था कि अमेरिका आने वाले 2-3 हफ्तों में ईरान पर बेहद कड़े हमले करेगा। उन्होंने कहा था कि अमेरिका जल्द ही अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर देगा और ईरान को ‘स्टोन एज’ में वापस भेजेगा।
