अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट किया कि ईरान की ओर से फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह निराधार हैं, उन्होंने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिकी सेना ने हजारों उड़ानें भरी हैं और इस दौरान किसी भी अमेरिकी F-15 विमान को नुकसान नहीं पहुंचा है, यह बयान ईरान के दावे के सीधे जवाब के रूप में आया
ईरानी मीडिया में छपी रिपोर्ट में कहा गया था कि दक्षिणी तट के पास एक संदिग्ध या अनधिकृत विमान को ईरानी एयर डिफेंस ने निशाना बनाया, और दावा किया गया कि यह विमान अमेरिकी F-15 था, हालांकि इस दावे को किसी स्वतंत्र स्रोत या अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है
अमेरिका ने अपने बयान में न केवल इस दावे को खारिज किया बल्कि यह भी संकेत दिया कि ईरान की ओर से इस तरह की जानकारी फैलाना एक प्रोपेगेंडा का हिस्सा हो सकता है, सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दावे अक्सर रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालने के लिए किए जाते हैं, खासकर तब जब क्षेत्र में तनाव चरम पर हो
वहीं, F-15 जैसे फाइटर जेट दुनिया के सबसे उन्नत और शक्तिशाली लड़ाकू विमानों में से एक माने जाते हैं, जिन्हें अमेरिका की वायु शक्ति का अहम हिस्सा माना जाता है, ऐसे में किसी भी विमान को गिराने का दावा बहुत गंभीर माना जाता है और इसकी पुष्टि बिना ठोस सबूत के नहीं की जा सकती
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि पश्चिम एशिया में स्थिति कितनी संवेदनशील बनी हुई है और छोटी सी खबर भी बड़े अंतरराष्ट्रीय विवाद का रूप ले सकती है, फिलहाल अमेरिका ने अपने आधिकारिक बयान के जरिए स्थिति को स्पष्ट कर दिया है और ईरान के दावे को पूरी तरह गलत बताया है
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सूचना युद्ध और वास्तविक सैन्य कार्रवाई के बीच अंतर समझना कितना जरूरी है, और जब तक आधिकारिक और स्वतंत्र पुष्टि न हो, तब तक ऐसे दावों को सावधानी से ही देखा जाना चाहिए
