नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपने पांच मित्र देशों की सूची जारी की है जिन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी गई है। इस सूची में भारत को प्राथमिकता देते हुए सबसे ऊपर रखा गया है। इसके अलावा चीन रूस पाकिस्तान और इराक भी शामिल हैं। इन देशों के वाणिज्यिक जहाजों को सीमित रूप से इस अहम समुद्री मार्ग का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।
होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण
दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का लगभग 20-25 प्रतिशत इसी जलडमरूमध्य से गुजरता है जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत बेहद बढ़ जाती है। वर्तमान हालात में इस क्षेत्र पर ईरान का नियंत्रण बना हुआ है और वह अपनी शर्तों पर ही जहाजों को गुजरने दे रहा है।
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने इस मार्ग को खुलवाने के लिए यूरोपीय देशों से सैन्य सहयोग की अपील की थी लेकिन कोई ठोस समर्थन नहीं मिला। इसके बाद अमेरिका ने 48 घंटे की चेतावनी देते हुए ईरान के पावर ग्रिड पर हमले की धमकी दी जिस पर ईरान ने कड़ा जवाब देते हुए मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नेटवर्क को निशाना बनाने की चेतावनी दी। बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी समयसीमा और धमकी वापस ले ली।
पाकिस्तान का लौटाया जहाज
हालांकि सूची में शामिल होने के बावजूद पाकिस्तान को झटका लगा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक पाकिस्तानी टैंकर को होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी। ईरान का कहना है कि पाकिस्तान उसकी तय शर्तों पर खरा नहीं उतरा इसलिए जहाज को वापस लौटना पड़ा।
दुश्मन देशों के लिए मार्ग पूरी तरह बंद
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि युद्ध जैसे हालात के चलते यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि मित्र देशों के जहाजों को ही अनुमति दी जा रही है जबकि दुश्मन देशों और उनके सहयोगियों के लिए यह मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने चीन रूस भारत इराक और पाकिस्तान के तेल टैंकर और जहाजों को होर्मुज पास करने की इजाजत दी है।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ माना जाता है। इस मार्ग में बाधा के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
