नई दिल्ली । बांग्लादेश सेना के उच्च कमान में रविवार को बड़ा फेरबदल हुआ जिसमें नए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ की नियुक्ति भी शामिल है। इस बदलाव से प्रमुख रणनीतिक कमान और देश की मुख्य सैन्य खुफिया एजेंसी प्रभावित हुई है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार ये बदलाव प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नई सरकार के सत्ता संभालने के कुछ दिनों बाद हुए। रिपोर्ट के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनुर रहमान को CGS नियुक्त किया गया जो पहले सेना प्रशिक्षण और सिद्धांत कमान ARTDOC के प्रमुख या जनरल ऑफिसर कमांडिंग GOC के पद पर थे।
भारत में तैनात अधिकारी को वापस बुलाया
भारत में तैनात अधिकारी को वापस बुलाया
भारत में बांग्लादेश उच्चायोग में रक्षा सलाहकार के पद पर तैनात ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हाफिजुर रहमान को मेजर जनरल के दर्जे के साथ पैदल सेना डिवीजन का GOC बनने के लिए वापस बुलाया गया है।
नई सरकार और चुनाव का संदर्भ
बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी BNP ने 12 फरवरी को हुए चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। 60 वर्षीय तारिक रहमान ने 17 फरवरी को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली जिससे मुहम्मद यूनुस के 18 महीने के अंतरिम शासन का अंत हुआ।
भारत-बांग्लादेश संवाद को बढ़ावा
भारत-बांग्लादेश संवाद को बढ़ावा
ढाका में नियुक्त भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने कहा कि नई सरकार के साथ सक्रिय संवाद को लेकर भारत उत्सुक है। उन्होंने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मुलाकात की और संवाद सहयोग और पारस्परिक हितों पर जोर दिया। उच्चायुक्त वर्मा ने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ हर क्षेत्र में सकारात्मक और भविष्योन्मुखी सहयोग को मजबूत करना चाहता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूनुस के कार्यकाल के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों में गिरावट आई थी और 1971 के बाद यह सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
