इस योजना के तहत 21 से 41 साल की उम्र के योग्य युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाएगा। यह लाभ अधिकतम पांच साल तक या जब तक उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिलता, तब तक जारी रहेगा। योजना का उद्देश्य उन युवाओं को वित्तीय मदद प्रदान करना है, जिन्होंने माध्यमिक या समकक्ष परीक्षा पास की है लेकिन अभी तक नौकरी नहीं पाई और किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले रहे। योजना 15 अगस्त 2026 से लागू होगी।
बजट और वित्तीय आवंटन:
राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इसके अलावा, महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार योजना में भी बढ़ोतरी की गई है। फरवरी से सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह और एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रति माह दिया जाएगा। इस योजना के लिए कुल 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। ऐसे में राज्य सरकार बेरोजगारों और महिलाओं के कल्याण के लिए कुल लगभग 20,000 करोड़ रुपये का बजट तैयार कर रही है।
कर्मचारियों के लिए राहत:
सरकार ने कर्मचारियों के लिए भी राहत का ऐलान किया है। 1 अप्रैल से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता (DA) लागू होगा और सातवें वेतन आयोग के गठन की भी संभावना जताई गई है।विश्लेषकों के अनुसार, यह योजना और घोषणाएं युवाओं, महिलाओं और कर्मचारियों के लिए बड़ी आर्थिक मदद हैं और 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले ममता सरकार का मास्टरस्ट्रोक मानी जा रही हैं।
