नई दिल्ली । आलू के पराठे हों या क्रिस्पी कटलेट, सबसे बड़ी समस्या तब आती है जब कुकर में उबालने के बाद आलू पानी सोख लेते हैं। वह गीलापन न तो स्वाद रहने देता है और न ही पराठों की स्टफिंग सही बनती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना एक बूंद पानी के भी आलू उबाले जा सकते हैं जी हां, सोशल मीडिया पर वायरल यह जीरो वॉटर ट्रिक न केवल आपका समय बचाएगी, बल्कि आपको मिलेंगे एकदम सूखे और सोंधे स्वाद वाले आलू।
कैसे काम करती है यह जीरो वॉटर ट्रिक
इस तरीके में हम आलू को पानी में डुबाने के बजाय कुकर के अंदर ‘प्रेशर और स्टीम’ का इस्तेमाल करते हैं। इसे फॉलो करना बेहद आसान है तैयारी: सबसे पहले आलू को अच्छी तरह धो लें और उन्हें पोंछकर सुखा लें। ध्यान रहे, आलू के ऊपर अतिरिक्त पानी न हो।कुकर को करें तैयार कुकर की तली में एक छोटा चम्मच तेल या घी लगाकर उसे ग्रीस चिकना कर लें। इससे आलू चिपकेंगे नहीं। सूती कपड़े का जादू: अब एक सूती कपड़ा लें और उसे पानी में भिगोकर अच्छी तरह निचोड़ लें।
कपड़ा सिर्फ गीला होना चाहिए, उससे पानी टपकना नहीं चाहिए। आलू की सेटिंग अब गीले कपड़े के अंदर आलू को लपेटकर कुकर में रख दें। अगर आलू ज्यादा हैं, तो नीचे गीला कपड़ा बिछाएं, ऊपर आलू रखें और फिर ऊपर से एक और गीला कपड़ा ढक दें।सीटी का इंतज़ार: कुकर का ढक्कन बंद करें और बिल्कुल धीमी आंच पर 10 से 12 मिनट तक पकने दें। इस दौरान कुकर में जो भाप बनेगी, वह गीले कपड़े की नमी से आएगी। परफेक्ट आलू तैयार: गैस बंद करें और प्रेशर अपने आप निकलने दें। जब आप कुकर खोलेंगे, तो आलू पूरी तरह उबले हुए और एकदम सूखे निकलेंगे।
इस ट्रिक के जबरदस्त फायदे
सोंधा स्वाद: पानी में उबलने से आलू का स्वाद फीका पड़ जाता है, जबकि इस तरीके से आलू का असली स्वाद बरकरार रहता है। परफेक्ट स्टफिंग: ये आलू चिपचिपे नहीं होते, इसलिए समोसे या पराठे बनाते समय स्टफिंग फटती नहीं है। विटामिन्स की बचत: पानी के साथ आलू के कई पोषक तत्व बह जाते हैं, जो भाप में पकाने से सुरक्षित रहते हैं छिलका उतारना आसान: इस विधि से उबले आलू के छिलके बहुत आसानी से और सफाई से उतर जाते हैं।
कुछ जरूरी बातें
इस ट्रिक के लिए हमेशा भारी तले वाले कुकर का इस्तेमाल करें। आंच हमेशा धीमी रखें, वरना कुकर जल सकता है। अगर आपके पास एल्युमीनियम फाइल है, तो आप कपड़े की जगह उसमें भी आलू लपेटकर यही प्रक्रिया दोहरा सकते हैं। याद रखें: यह ट्रिक छोटे और मध्यम आकार के आलू के लिए बेहतरीन काम करती है। अगर आलू बहुत बड़े हैं, तो उन्हें दो टुकड़ों में काटकर रखें।