छत्तीसगढ़ को अक्सर घने जंगलों और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां छिपे कुछ गांव अपनी खूबसूरती में पहाड़ी हिल स्टेशनों को भी मात देते हैं। ऐसा ही एक अनोखा और बेहद सुंदर गांव है सरोधा-दादर, जिसे छत्तीसगढ़ का ‘सिल्वर विलेज’ कहा जाता है। यह गांव न सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है, बल्कि अपनी सादगी, शांति और मेहमाननवाजी से हर आने वाले का दिल जीत लेता है।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थित यह गांव मैकल पर्वत की तलहटी में बसा हुआ है। चारों ओर फैली हरी-भरी पहाड़ियां, ठंडी हवाएं, साफ-सुथरा वातावरण और शांत घाटियां इसे किसी जन्नत से कम नहीं बनातीं।
सरोधा-दादर की खूबसूरती और टिकाऊ पर्यटन मॉडल को देखते हुए साल 2023 में इसे भारत के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार भी मिल चुका है। यहां की पारंपरिक जीवनशैली, आदिवासी संस्कृति और प्रकृति के साथ तालमेल इसे बाकी पर्यटन स्थलों से अलग बनाता है। गांव के लोग पर्यटकों का दिल से स्वागत करते हैं, जिससे यहां आने वालों का अनुभव और भी खास बन जाता है।
प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफी के शौकीनों और शांति की तलाश में निकले यात्रियों के लिए सरोधा-दादर एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। अगर आप भी भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत, हरे-भरे और खूबसूरत स्थान पर समय बिताना चाहते हैं, तो अगली ट्रिप में मसूरी-शिमला की जगह छत्तीसगढ़ के इस ‘सिल्वर विलेज’ को जरूर शामिल करें।
प्रकृति के करीब समय बिताने वालों, फोटोग्राफी के शौकीनों और शांति की तलाश में रहने वालों के लिए सरोधा-दादर किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां न तो शहरों की भागदौड़ है और न ही भीड़-भाड़ का शोर। अगर आप भीड़ से दूर, शुद्ध हवा और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो छत्तीसगढ़ का यह ‘सिल्वर विलेज’ आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।
