ठंडाई क्यों खास है?
ठंडाई केवल ठंडी ड्रिंक नहीं है। इसमें खसखस, बादाम, काजू, किशमिश और गुलाब जल जैसे तत्व शामिल होते हैं, जो न केवल शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। भारतीय पारंपरिक स्वास्थ्य विज्ञान के अनुसार, ठंडाई में मौजूद सूखे मेवे और मसाले शरीर को गर्मियों की उमस से बचाने में मदद करते हैं।
खसखस ठंडाई बनाने की सामग्री:
खसखस – 2 बड़े चम्मच
काजू – 10-12 पीसेस
बादाम – 10-12 पीसेस
काली मिर्च – 1/4 चम्मच
गुलाब जल – 1 छोटा चम्मच
ठंडा दूध – 500 ml
शक्कर – 4-5 बड़े चम्मच (स्वाद अनुसार)
साबुत किशमिश – 8-10 पीसेस
खसखस ठंडाई बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी:
1. खसखस और मेवे भिगोएँ: खसखस, काजू और बादाम को 4–5 घंटे या रात भर पानी में भिगोकर नरम कर लें।
2. पीसना: भिगोए हुए खसखस और मेवे को ब्लेंडर में डालकर थोड़ा पानी डालकर महीन पेस्ट तैयार करें।
3. मिलाना: पेस्ट में ठंडा दूध डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।
4. मसाले डालें: अब इसमें काली मिर्च, गुलाब जल और शक्कर डालकर फिर से मिक्स करें।
5. छानना: मिश्रण को छलनी से छानकर गाढ़ा दूध निकाल लें।
6. ठंडा परोसें: ठंडाई को फ्रिज में 1–2 घंटे ठंडा करें और साबुत किशमिश से गार्निश करके सर्व करें।
खसखस ठंडाई क्यों चुनें?
खसखस ठंडाई न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि इसमें ऊर्जा बढ़ाने वाले तत्व और एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं। यह पारंपरिक ठंडाई की तुलना में हल्की और आसानी से पचने वाली होती है।
होली पर ठंडाई पीने के फायदे:
शरीर को ठंडक देती है
प्यास बुझाने के साथ ऊर्जा भी देती है
रंगों और गुलाल खेलने के बाद डिहाइड्रेशन से बचाती है
स्वाद में बच्चों और बड़ों दोनों को समान रूप से पसंद आती है
परंपरा और त्योहार का संगम:
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है। यह परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने, खास पकवान और ड्रिंक के माध्यम से जुड़ने का अवसर भी है। ठंडाई इस त्योहार में सिर्फ पेय नहीं, बल्कि खुशियों और यादों की मिठास जोड़ती है। इस होली, खसखस ठंडाई बनाकर आप रंगों की मिठास के साथ स्वाद और ठंडक का मज़ा भी बढ़ा सकते हैं।
