नई दिल्ली। फरवरी का मौसम इस बार बेहद असामान्य है। जनवरी के बाद फरवरी की शुरुआत भी पिछले 15 सालों में सबसे गर्म रिकॉर्ड तोड़ रही है। दिन में तेज धूप और शाम को ठंडी हवा—इस ‘सर्द-गर्म’ के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है और लोग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि धूप से लौटते ही पंखा/एसी चलाना या तुरंत ठंडा पानी पीना सर्द-गर्म का मुख्य कारण बन सकता है।
फ्लू और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए साफ-सफाई सबसे बड़ा हथियार है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाथों को साबुन से धोना, खांसते/छींकते समय रुमाल का उपयोग और बार-बार नाक-आंख छूने से बचना जरूरी है। साथ ही घर का बना ताजा भोजन, हल्दी वाला दूध, गुनगुना पानी, और सही पहनावा इस मौसम में सेहत बनाए रखने में मददगार है।
बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में ज्यादा प्रभावित होते हैं। अगर दो दिन से अधिक बुखार, कफ या कमजोरी बनी रहे तो इसे हल्के में न लें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
