डॉक्टर कहते हैं कि खुद को पॉजिटिव कल्पना में देखें। उदाहरण के लिए सोचें कि आप स्कूल टॉपर बन रहे हैं और अपने जीवन में खुशहाल और संतुलित भविष्य जी रहे हैं। यह मानसिक तैयारी आपको परीक्षा में घबराहट कम करने में मदद करेगी। इतना ही नहीं, यह समझना भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा सफलता का केवल एक तरीका है, जीवन में अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।
पढ़ाई की तैयारी के टिप्स:
छोटे और आसान लक्ष्य तय करें। उदाहरण के लिए 25–30 मिनट पढ़ें, 10 मिनट रिवीजन करें और 15 मिनट ब्रेक लें। खुद के नोट्स बनाएं क्योंकि लिखने से याददाश्त तेज होती है। कठिन टॉपिक्स को छोटे हिस्सों में बांटकर अभ्यास करें और आत्मविश्वास बनाए रखें। डायग्राम और चित्रों का इस्तेमाल याददाश्त बढ़ाने में मदद करता है। पढ़ाई के लिए टाइम टेबल तय करें और रोज 7–8 घंटे नींद लें। नींद के दौरान पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रहता है। दोस्तों के साथ मिलकर पढ़ाई करें और घर का पौष्टिक खाना खाएं। रोज 30 मिनट हल्की एक्सरसाइज से दिमाग सक्रिय रहता है।
परीक्षा का सामना करने के टिप्स:
आखिरी समय की पढ़ाई से बचें। इससे आत्मविश्वास कमजोर होता है और तनाव बढ़ता है। परीक्षा से एक दिन पहले बैग, पैन-पेंसिल, हॉल टिकट जैसी जरूरी चीजें तैयार रखें। खुद की तुलना दूसरों से न करें। हर छात्र की अपनी ताकत और कमजोरियां होती हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। आराम के लिए म्यूजिक सुनें, हल्की टहलें या दोस्तों से बात करें।
डॉक्टर बताते हैं कि अगर अत्यधिक घबराहट या पैनिक अटैक हो तो गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, योग और मेडिटेशन अपनाएं। फिर भी अगर राहत न मिले तो किसी अच्छे साइकियाट्रिस्ट से परामर्श जरूर लें।
इस तरह, पढ़ाई और परीक्षा की सही तैयारी, पॉजिटिव सोच और मानसिक संतुलन के जरिए छात्र अपनी घबराहट को कम कर सकते हैं और बोर्ड एग्जाम का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकते हैं। याद रखें, असफलता भी सफलता का हिस्सा है और उससे सीखकर आगे बढ़ना सबसे महत्वपूर्ण है।
