चाय में मौजूद कैफीन और टैनिन हल्का दाग छोड़ सकते हैं खासकर दांतों पर लेकिन ये तत्व सीधे तौर पर होंठों को स्थायी रूप से काला नहीं करते असली समस्या तब शुरू होती है जब व्यक्ति बहुत अधिक गर्म चाय बार बार पीता है गर्म पेय का लगातार संपर्क होंठों की नाजुक त्वचा को प्रभावित करता है इससे त्वचा की ऊपरी परत सूखने लगती है और धीरे धीरे पपड़ी बनती है लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो होंठों का रंग गहरा दिखाई देने लगता है
विशेषज्ञ बताते हैं कि होंठों के कालेपन के पीछे कई जीवनशैली से जुड़े कारण जिम्मेदार होते हैं शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन एक बड़ा कारण है जब शरीर में पर्याप्त पानी नहीं होता तो होंठ सूखकर बेजान हो जाते हैं और उनका प्राकृतिक गुलाबी रंग फीका पड़ने लगता है
धूम्रपान या तंबाकू सेवन भी होंठों की रंगत बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है निकोटीन और अन्य रसायन पिगमेंटेशन को बढ़ाते हैं जिससे होंठ धीरे धीरे काले हो सकते हैं इसी तरह बिना सुरक्षा के लंबे समय तक धूप में रहना भी हानिकारक है सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा में मेलानिन का स्तर बढ़ा सकती हैं जिससे होंठों का रंग गहरा हो जाता है
लिप केयर की अनदेखी भी एक बड़ी वजह है बार बार होंठ चाटना सस्ते या घटिया गुणवत्ता वाले लिप प्रोडक्ट्स का उपयोग करना या रात में मॉइस्चराइज न करना होंठों की सेहत पर असर डालता है कुछ मामलों में एलर्जी या हार्मोनल बदलाव भी रंग में परिवर्तन का कारण बन सकते हैं
स्वास्थ्य संबंधी सामान्य मार्गदर्शन के अनुसार संतुलित जीवनशैली और नियमित देखभाल से इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है वैश्विक स्तर पर भी त्वचा और होंठों की सुरक्षा को दैनिक स्वास्थ्य देखभाल का हिस्सा माना गया है जैसा कि World Health Organization अपने स्वास्थ्य संरक्षण के व्यापक सिद्धांतों में त्वचा सुरक्षा पर जोर देता है
अगर आप होंठों की प्राकृतिक रंगत बनाए रखना चाहते हैं तो कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं दिनभर पर्याप्त पानी पिएं SPF युक्त लिप बाम का उपयोग करें अत्यधिक गर्म चाय या कॉफी से बचें धूम्रपान से दूरी रखें और सोने से पहले होंठों पर अच्छा मॉइस्चराइजर लगाएं
यदि होंठों का रंग अचानक बहुत ज्यादा गहरा हो जाए जलन सूजन या दर्द महसूस हो तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर होता है क्योंकि कभी कभी यह किसी आंतरिक स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है
