नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और मैदा कल्चर ने हमारे पाचन तंत्र को सुस्त कर दिया है। कब्ज केवल एक समस्या नहीं, बल्कि बवासीर, गैस और एसिडिटी जैसी बीमारियों की जड़ है। डॉक्टर और डाइटिशियन मानते हैं कि अगर आप अपनी रोटियों का आटा बदल लें, तो बिना दवा के पेट की सफाई संभव है। यहाँ उन 5 प्रकार के आटों की जानकारी दी जा रही है, जो फाइबर से भरपूर हैं और कब्ज को जड़ से खत्म करने की ताकत रखते हैं ।
चोकर युक्त गेहूं का आटा
चोकर युक्त गेहूं का आटा
अक्सर हम आटे को छानकर उसका चोकर बाहर फेंक देते हैं जबकि असली फाइबर उसी में होता है। फायदा चोकर आंतों की दीवारों पर जमा गंदगी को झाड़ू की तरह साफ करता है। कैसे खाएं आटे को बिना छाने रोटियां बनाएं।
मल्टीग्रेन आटा
जब आप गेहूं में चना सोयाबीन, और मक्का मिलाते हैं, तो यह एक फाइबर बम बन जाता है फायदा यह न केवल कब्ज दूर करता है, बल्कि शरीर को भरपूर प्रोटीन भी देता है प्रो टिप घर पर ही 5 किलो गेहूं में 1 किलो काला चना पिसवाकर मिश्रण तैयार करें।
ओट्स का आटा
ओट्स में बीटा-ग्लूकन नामक घुलनशील फाइबर होता है, जो पेट को नरम रखता है। फायदा यह मल को मुलायम बनाता है जिससे पेट साफ होने में दर्द या कठिनाई नहीं होती। उपयोग आप इसे गेहूं के आटे में आधा-आधा मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
रागी या बाजरे का आटा
मोटे अनाज जैसे रागी बाजरा या ज्वार गुणों की खान हैं। फायदा इनमें गेहूं के मुकाबले कई गुना ज्यादा फाइबर होता है। रागी कैल्शियम का भी बेहतरीन स्रोत है। नोट सर्दियों में बाजरा और गर्मियों में ज्वार या रागी का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है।
जौ का आटा
प्राचीन समय से ही जौ को पेट के लिए सबसे हल्का और पाचक माना गया है। फायदा यह आंतों की सूजन कम करता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। हफ्ते भर में असर: अगर आप लगातार 7 दिन जौ की रोटी खाते हैं, तो पुरानी से पुरानी कब्ज में राहत महसूस होगी।
एक्सपर्ट टिप्स कब्ज मुक्त रहने के लिए
पानी का भरपूर सेवन: फाइबर तभी काम करेगा जब आप पर्याप्त पानी पिएंगे। बिना पानी के फाइबर भी कब्ज कर सकता है। रात का खाना: सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले खाना खा लें। सेंधा नमक रोटियों के आटे में थोड़ा सेंधा नमक और अजवाइन मिलाने से पाचन और भी तेज होता है। चेतावनी यदि आपको ग्लूटेन से एलर्जी है या कोई गंभीर पेट की बीमारी है, तो आहार में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
