नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय और कर्म का देवता कहा जाता है। यह माना जाता है कि शनिदेव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देते हैं और बुरे कर्म करने वाले को सही मार्ग पर लाने के लिए दंड भी देते हैं। शनि के प्रकोप के कारण जीवन में बाधाएं कष्ट और आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं।माना जाता है कि अगर कोई व्यक्ति लगातार 8 शनिवारों को शनिदेव से जुड़े इन विशेष उपायों को करता है, तो शनि की पीड़ा कम होने के साथ-साथ जीवन में सुख समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
शनि के प्रकोप से बचने के 8 विशेष उपाय
यहाँ शनिदेव को प्रसन्न करने के 8 अचूक उपाय दिए गए हैंमान्यता है कि शनिवार के दिन शनिदेव के मंदिर में काले रंग के जूते या चप्पल पहनकर जाना चाहिए। यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक माना जाता है जिन पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही होती है।कहा जाता है कि रविवार को छोड़कर लगातार 43 दिनों तक शनिदेव की मूर्ति पर तेल अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
सूर्योदय से पहले पीपल के पेड़ की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। मान्यताओं के अनुसार, शनि देव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ में लोहे की कील डालकर अर्पित करनी चाहिए।शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं, जिसके साथ ही शनि दोषों से भी छुटकारा मिलता है।शनिवार के दिन शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना भी बहुत शुभ माना गया है। हनुमान चालीसा का पाठ करने से मंगल और शनि दोनों ग्रह शुभ फल प्रदान करते हैं।
शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत 7 बार लपेटना चाहिए। इस दौरान शनि मंत्रों का जाप करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं।शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को व्रत-उपवास रखना और दान करना चाहिए।कहते हैं कि काली गाय को उड़द और तिल खिलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और कष्ट दूर होते हैं।इन उपायों को श्रद्धापूर्वक करने से शनि की क्रूर दृष्टि शांत होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
