यह घटना वैज्ञानिक दृष्टि से जितनी महत्वपूर्ण है ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार उतनी ही प्रभावशाली भी मानी जा रही है। जब कई बड़े ग्रह एक ही दिशा में सक्रिय होते हैं तो उसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। वर्तमान ग्रह स्थिति के अनुसार गुरु मिथुन राशि में शनि मीन राशि में और बुध-शुक्र राहु के साथ कुंभ राशि में स्थित बताए जा रहे हैं। फरवरी के अंत तक मंगल और चंद्रमा के भी कुंभ राशि में पहुंचने से ऊर्जा उत्साह और भावनात्मक शक्ति में वृद्धि के संकेत हैं। ग्रहों की यह विशेष व्यवस्था सोच निर्णय धन जिम्मेदारी और भाग्य से जुड़े मामलों में तेजी से बदलाव ला सकती है। कई लोगों को अचानक अवसर नए संपर्क और आर्थिक लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। सही दिशा में किया गया प्रयास उल्लेखनीय सफलता दिला सकता है।
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में तेजी से उछाल लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और परिवार का सहयोग मनोबल को मजबूत करेगा। मिथुन राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। गुरु का प्रभाव दृष्टिकोण को व्यापक बनाएगा नए संपर्क लाभदायक सिद्ध होंगे और नई नौकरी या पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने वाला है। व्यापार में विस्तार साझेदारी से लाभ और प्रभावशाली लोगों से सहयोग मिलने की संभावना है। वहीं कन्या राशि वालों को अपनी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। स्वास्थ्य में सुधार पुराने विवादों का समाधान और निवेश से अच्छे रिटर्न के योग बन रहे हैं।
फरवरी के अंत में बनने वाला यह दुर्लभ ग्रह संयोग न केवल आकाश में एक मनोहारी दृश्य प्रस्तुत करेगा बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के जीवन में नई ऊर्जा और संभावनाओं का संचार भी कर सकता है। सूर्यास्त के बाद साफ आसमान में इस अद्भुत नजारे को देखने का अवसर विशेष रहेगा।
