नई दिल्ली । आज 11 जनवरी 2026 माघ माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है। यह दिन रविवार के रूप में आ रहा है, जो कि विशेष महत्व रखता है। इस दिन, चित्रा नक्षत्र और स्वाति नक्षत्र का संगम हो रहा है जो कि कई प्रकार के शुभ योगों को जन्म देता है। साथ ही इस दिन सुकर्मा और धृति योग का भी निर्माण हो रहा है जो कार्यों में सफलता, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माने जाते हैं। इन योगों का प्रभाव विशेष रूप से शुभ कार्यों में देखा जा सकता है।
शुभ काल
अगर आप किसी विशेष काम को लेकर परेशान हैं या किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, तो आज का दिन बहुत ही शुभ है। विशेष तौर पर, निम्नलिखित मुहूर्त और काल आपके लिए उत्तम साबित हो सकते हैं
अभिजीत मुहूर्त 12:13 PM – 12:56 PM यह समय विशेष रूप से व्यापार, अध्ययन, या किसी नई योजना की शुरुआत के लिए आदर्श होता है।
अमृत काल 11:06 AM – 12:52 PM इस दौरान किए गए कार्यों का फल अच्छे और स्थायी होते हैं। यह समय किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त 05:38 AM – 06:26 AM यह समय आत्मिक उन्नति, ध्यान, पूजा और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए बहुत लाभकारी होता है।
अशुभ काल
जहां शुभ समय का महत्व होता है, वहीं अशुभ कालों को जानना भी उतना ही आवश्यक है। अशुभ कालों में किसी भी महत्वपूर्ण काम को शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन समयों में कार्यों में विघ्न आ सकते हैं या नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आज के दिन निम्नलिखित अशुभ कालों से बचने की सलाह दी जाती है:
राहू काल 4:34 PM – 5:55 PM इस दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य न करें, क्योंकि राहू काल में कार्यों में विघ्न और समस्याएं आ सकती हैं।
यम गण्ड 12:34 PM – 1:54 PM यह समय भी शुभ नहीं होता और इसे टालना चाहिए।
कुलिक 3:14 PM – 4:34 PM इस समय किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचें।
दुर्मुहूर्त 04:29 PM – 05:12 PM इस समय में कामों में रुकावटें आ सकती हैं, इसलिए इसे भी अनदेखा करें।
वर्ज्यम 12:28 AM – 02:16 AM यह समय रात में होता है और इसका प्रभाव विशेष रूप से रात के समय किया गया कार्य पर पड़ता है। सूर्य और चंद्रमा का समय,सूर्योदय: 7:14 AM, सूर्यास्त: 5:55 PM, चन्द्रोदय: 11 जनवरी 2026, 12:42 AM,चन्द्रास्त: 11 जनवरी 2026, 12:16 PM आज के पंचांग के अनुसार, यह दिन खासतौर पर मानसिक और शारीरिक उन्नति के लिए उपयुक्त रहेगा, बशर्ते आप शुभ कालों का लाभ उठाएं और अशुभ कालों से बचें।
