पैर घसीटकर चलना
कई लोग चलते वक्त पैर घसीटकर चलते हैं, यह आदत ज्योतिष के अनुसार राहु और शनि ग्रहों को कमजोर करती है। इससे व्यक्ति के जीवन में अचानक परेशानियां आ सकती हैं, मानसिक अस्थिरता बढ़ सकती है, और कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं। राहु के प्रभाव से व्यक्ति को अचानक धन हानि या व्यवसायिक नुकसान हो सकता है। शनि ग्रह का प्रभाव करियर में अड़चनें उत्पन्न कर सकता है। उपाय चरणों को पूरी तरह से उठाकर चलें, ताकि आपके कदम मजबूती से आगे बढ़ें और राहु-शनि की नकारात्मकता दूर हो।
पैर पर पैर चढ़ाकर बैठना
यह आदत भी चंद्रमा और राहु को प्रभावित करती है। जब आप पैर पर पैर चढ़ाकर बैठते हैं, तो यह आपके मानसिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। साथ ही, इस आदत से सामाजिक रिश्ते भी प्रभावित हो सकते हैं। माना जाता है कि इस तरह से बैठने से किसी की अनदेखी या असम्मान हो सकता है, जिससे जीवन में तनाव बढ़ सकता है। उपाय साफ और सीधी स्थिति में बैठें, जिससे मानसिक शांति बनी रहे और चंद्रमा मजबूत हो।
बैठे-बैठे पैर हिलाना
यह आदत भी बहुत सामान्य होती है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार यह राहु और शनि को कमजोर करती है। यह आदत मानसिक अस्थिरता और मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। लोग अक्सर बैठे-बैठे पैर हिलाते हैं, लेकिन यह आदत ध्यान केंद्रित करने में बाधा डालती है और शनि के प्रभाव को नकारात्मक बनाती है। उपाय जब भी आप बैठे हों, अपने पैर को स्थिर रखें और ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करें।
बिना जूतों के घर में प्रवेश करना
घर में प्रवेश करते समय बिना जूतों के अंदर आना भी अशुभ माना जाता है। यह आदत राहु और शनि को प्रभावित कर सकती है। जूतों को सही तरीके से बाहर ही छोड़ना चाहिए, क्योंकि यह घर में आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को अंदर लाने का कारण बन सकता है। उपाय घर में प्रवेश करते समय जूते बाहर ही रखें और घर में प्रवेश करने से पहले हल्का ध्यान या नमस्कार जरूर करें।
पैर को बढ़ा कर बैठना
अगर आप कभी पैर फैलाकर बैठते हैं या पैरों को चढ़ाकर बैठते हैं, तो यह भी आपके कुंडली के ग्रहों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यह आदत शनि और चंद्रमा पर प्रतिकूल असर डालती है और जीवन में विरोधी परिस्थितियों को जन्म देती है।
उपाय जब भी बैठें, अपने पैर को सही तरीके से रखें और अच्छे से सीधे बैठें
हमारी दिनचर्या में बहुत सी आदतें छोटी-छोटी लग सकती हैं, लेकिन ये ग्रहों पर गहरा प्रभाव डालती हैं। इसलिए, इन आदतों को सुधारकर आप न केवल अपनी शारीरिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि कुंडली के ग्रहों को भी मजबूत कर सकते हैं। अगर आप इन आदतों से बचते हैं, तो आपको मानसिक शांति, आर्थिक समृद्धि और व्यक्तिगत जीवन में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
