नई दिल्ली। हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा को अत्यंत पावन और शुभ माना जाता है। यह दिन केवल स्नान और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दिन की रात किए गए दान को विशेष पुण्यकारी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा की रात किया गया दान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देता है। इस दिन दान करना पूर्वजन्म के दोषों और अशुभ कर्मों के प्रभाव को कम करता है।
इस साल माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को है। इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात देवता पृथ्वी के निकट आते हैं और श्रद्धा के साथ किए गए कर्म तुरंत स्वीकार करते हैं। साथ ही, ऐसा माना जाता है कि माघ पूर्णिमा का दान व्यक्ति, परिवार और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पुण्यकारी होता है।
माघ पूर्णिमा पर क्या दान करें?
शास्त्रों के अनुसार इस दिन अन्न, वस्त्र, तिल, घी, गुड़, कंबल और गर्म कपड़े दान करना शुभ माना जाता है। अगर दान सीधे गरीब और जरूरतमंदों तक पहुँचता है, तो इसका लाभ और भी अधिक होता है। इससे न केवल जीवन में आर्थिक स्थिरता और सुख-समृद्धि आती है, बल्कि दान करने वाले को मानसिक शांति और आत्मिक संतोष भी प्राप्त होता है।
दान करते समय ध्यान रखें ये बातें
दान केवल मात्रा से नहीं, बल्कि भावना और विधि से पुण्यकारी होता है। कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। जैसे-दान ईश्वर का स्मरण करते हुए करें। हमेशा दाएं हाथ से दान दें। दान के बाद मन में पश्चाताप या खेद न रखें। दान की चर्चा न करें, इसे गुप्त रखना श्रेष्ठ माना गया है। क्रोध, अहंकार और जल्दबाजी से बचें, क्योंकि ये दान के पुण्य को कम कर सकते हैं। श्रद्धा और सही मनोभाव से किया गया दान आध्यात्मिक शांति और पुण्य दोनों प्रदान करता है। माघ पूर्णिमा की यह रात इसलिए खास है क्योंकि इस दिन किए गए छोटे-से छोटे दान का भी अत्यधिक फल प्राप्त होता है।
