इस महासंयोग का सबसे शक्तिशाली प्रभाव मेष राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा। मेष राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है, जहाँ आर्थिक तंगी दूर होगी और धन की आवक के नए रास्ते खुलेंगे। निवेश की पुरानी योजनाएं अब फल देने लगेंगी और जो लोग लंबे समय से बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं, उनके लिए रोजगार के बेहतरीन अवसर पैदा होंगे। इसी तरह कन्या राशि के जातकों के लिए भी यह महाशिवरात्रि खुशियों की सौगात लेकर आएगी। पैतृक संपत्ति के अटके हुए मामले सुलझ सकते हैं और नया वाहन या मकान खरीदने का सपना सच हो सकता है। इस दौरान किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व से आपकी मुलाकात करियर की दिशा और दशा दोनों बदल सकती है।
मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए भी यह समय किसी बड़े टर्निंग पॉइंट की तरह होगा। मकर राशि वालों को कोर्ट-कचहरी के पुराने विवादों से मुक्ति मिलेगी और कर्ज का बोझ कम होने से मानसिक शांति का अनुभव होगा। वहीं, चूंकि यह चतुर्ग्रही योग स्वयं कुंभ राशि में ही बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए लाभ की संभावनाएं सबसे अधिक हैं। कुंभ राशि के जो जातक नौकरी छोड़कर स्वयं का स्टार्टअप या कारोबार शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय सबसे अनुकूल है। सोने-चांदी में निवेश और संतान पक्ष से मिलने वाली खुशखबरी उनके उत्साह को दोगुना कर देगी। कुल मिलाकर, 15 फरवरी 2026 की यह महाशिवरात्रि आर्थिक सामाजिक और व्यक्तिगत विकास की दृष्टि से इन चार राशियों के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव साबित होने वाली है।
