कलावा का महत्व
लाल रंग मंगल ग्रह से जुड़ा होता है, जो ऊर्जा और साहस का प्रतीक है
पीला रंग गुरु ग्रह से संबंधित है, जो ज्ञान और शुभता का प्रतिनिधित्व करता है
कलावा बांधने से व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर और ग्रह दोषों से सुरक्षा मिलती है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।
कितने दिन बाद उतारना चाहिए कलावा?
इसलिए:
21 दिन बाद कलावा उतार देना चाहिए
लंबे समय तक एक ही कलावा बांधे रखना अशुभ माना जाता है
पुराने कलावे के ऊपर नया बांधना भी गलत माना गया है
अगर कलावा टूटा, गंदा या खराब हो जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए।
कलावा उतारने के बाद क्या करें?
कलावा को उतारने के बाद उसे कहीं भी फेंकना नहीं चाहिए, क्योंकि यह पवित्र होता है।
सही तरीका:
इसे गमले की मिट्टी में दबा दें
या किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें
उतारते समय आप ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या ॐ शांति मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके बाद हाथ को गंगाजल से शुद्ध करना शुभ माना जाता है।
नया कलावा कब और कैसे बांधें
पुरुष दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में कलावा बांधें
हमेशा शुभ मुहूर्त और शांत मन से बांधें
नया कलावा बांधने से पहले पुराना अवश्य उतारें
कलावा बांधने के फायदे
मंगल और गुरु ग्रह मजबूत होते हैं
बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाव होता है
आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है
ध्यान रखने वाली बातें
जूते-चप्पल या शौचालय के पास इसे रखना अशुभ माना जाता है
बांधते समय नकारात्मक विचार या गुस्सा न रखें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सही नियमों के साथ कलावा बांधना और समय पर उतारना ही इसके शुभ प्रभाव को बनाए रखता है।
