तिथि वार और संवत
आज माघ शुक्ल पंचमी तिथि रात्रि 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगी इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा।
वार शुक्रवार है।
विक्रम संवत 2082
शक संवत 1947
राष्ट्रीय मिति माघ 03
हिजरी तारीख शब्बन 03 1447
सौर मास माघ मास प्रविष्टे 10
नक्षत्र योग और करण
दिन की शुरुआत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में होगी जो दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा।
योग की बात करें तो परिधि योग अपराह्न 3 बजकर 59 मिनट तक रहेगा इसके पश्चात शिव योग का शुभ संयोग बनेगा।
करण बव करण दोपहर 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा इसके बाद कौलव करण प्रभावी होगा।
चंद्रमा की स्थिति
चंद्रमा सुबह 8 बजकर 34 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा इसके बाद गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेगा। इससे भावनात्मक संतुलन आध्यात्मिक झुकाव और रचनात्मक सोच में वृद्धि देखी जा सकती है। बसंत पंचमी पर चंद्रमा का मीन राशि में गोचर सरस्वती आराधना के लिए विशेष शुभ माना गया है।
सूर्य समय
सूर्योदय सुबह 7 बजकर 13 मिनट
सूर्यास्त शाम 5 बजकर 52 मिनट
आज के पर्व
बसंत पंचमी
श्री पंचमी
सरस्वती पूजा
लक्ष्मी पूजन
आज विद्यारंभ पुस्तक पूजन और पीले वस्त्र धारण करने की परंपरा विशेष रूप से मानी जाती है।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04
विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:52
गोधूलि बेला शाम 5:42 से 6:08
निशीथ काल रात्रि 11:54 से 12:47
अशुभ समय
राहुकाल सुबह 10:30 से 12:00
गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00
यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30
दुर्मुहूर्त सुबह 9:06 से 9:50
पंचक पूरे दिन प्रभावी रहेगा।
अमृत काल
सुबह 9:53 से 11:13 तक
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा साधना और शुभ संकल्प के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना से बुद्धि विवेक स्मरण शक्ति और विद्या में वृद्धि होने का विश्वास किया जाता है।
आज शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ बसंत पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन ज्ञान विद्या संगीत और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी से ऋतुओं के परिवर्तन की शुरुआत होती है और जीवन में नई ऊर्जा सृजनशीलता और सकारात्मकता का प्रवेश होता है। सूर्य उत्तरायण में स्थित है और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है जिससे आज के दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
तिथि वार और संवत
आज माघ शुक्ल पंचमी तिथि रात्रि 1 बजकर 47 मिनट तक रहेगी इसके बाद षष्ठी तिथि का आरंभ होगा।
वार शुक्रवार है।
विक्रम संवत 2082
शक संवत 1947
राष्ट्रीय मिति माघ 03
हिजरी तारीख शब्बन 03 1447
सौर मास माघ मास प्रविष्टे 10
नक्षत्र योग और करण
दिन की शुरुआत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में होगी जो दोपहर 2 बजकर 33 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र आरंभ होगा।
योग की बात करें तो परिधि योग अपराह्न 3 बजकर 59 मिनट तक रहेगा इसके पश्चात शिव योग का शुभ संयोग बनेगा।
करण बव करण दोपहर 2 बजकर 8 मिनट तक रहेगा इसके बाद कौलव करण प्रभावी होगा।
चंद्रमा की स्थिति
चंद्रमा सुबह 8 बजकर 34 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा इसके बाद गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेगा। इससे भावनात्मक संतुलन आध्यात्मिक झुकाव और रचनात्मक सोच में वृद्धि देखी जा सकती है। बसंत पंचमी पर चंद्रमा का मीन राशि में गोचर सरस्वती आराधना के लिए विशेष शुभ माना गया है।
सूर्य समय
सूर्योदय सुबह 7 बजकर 13 मिनट
सूर्यास्त शाम 5 बजकर 52 मिनट
आज के पर्व
बसंत पंचमी
श्री पंचमी
सरस्वती पूजा
लक्ष्मी पूजन
आज विद्यारंभ पुस्तक पूजन और पीले वस्त्र धारण करने की परंपरा विशेष रूप से मानी जाती है।
शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04
विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:52
गोधूलि बेला शाम 5:42 से 6:08
निशीथ काल रात्रि 11:54 से 12:47
अशुभ समय
राहुकाल सुबह 10:30 से 12:00
गुलिक काल सुबह 7:30 से 9:00
यमगंड दोपहर 3:30 से 4:30
दुर्मुहूर्त सुबह 9:06 से 9:50
पंचक पूरे दिन प्रभावी रहेगा।
अमृत काल
सुबह 9:53 से 11:13 तक
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा साधना और शुभ संकल्प के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना से बुद्धि विवेक स्मरण शक्ति और विद्या में वृद्धि होने का विश्वास किया जाता है।
