बड़वानी । जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के पास से 98 नकली 500 रुपये के नोट और प्रिंटर बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य आरोपियों, भागीराम और गोविंद को गिरफ्तार किया है।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ निरंतर अभियान के तहत थाना प्रभारी पलसूद सुखलाल भंवर ने मुखबिर तंत्र से मिली सूचना पर कार्रवाई की।
पलसूद पुलिस ने मटली की ओर से आ रही एक सफेद स्कॉर्पियो वाहन को घेराबंदी कर रोका और उसमें सवार दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।गिरफ्तारी के बाद विधिवत तलाशी में भागीराम कनोजे की पेंट से 48 नकली 500 रुपये के नोट बरामद हुए, जबकि गोविंद बांडोड से 50 नकली नोट मिले। इन नोटों की विशेषता यह थी कि ये बिल्कुल असली 500 रुपये के नोटों की नकल करके बनाए गए थे।
पूछताछ में भागीराम ने खुलासा किया कि उसका सिलावद में एक कियोस्क सेंटर है, जहां वह एक रंगीन प्रिंटर और स्कैनर के माध्यम से असली नोटों की फोटो कॉपी कर नकली नोटों का निर्माण करता था। भागीराम और गोविंद के निशानदेही पर पुलिस ने सिलावद स्थित कियोस्क सेंटर पर भी छापा मारा, जहां असली 500 रुपये के नोटों की फोटो कॉपी करने का काम चल रहा था।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इस गिरोह के पकड़ने को एक बड़ी सफलता करार देते हुए कहा कि नकली नोटों के प्रचलन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।नकली नोटों के इस गोरखधंधे में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, जिससे नकली नोटों के नेटवर्क को और भी उजागर किया जा सकेगा।
