घटना रात के करीब दो से तीन बजे के बीच घुनघुटी के पास स्थित मदारी ढाबे के पास हुई। बोलेरो नरसरहा डिपो से बांधवगढ़ की ओर जा रही थीऔर उसमें सवार सभी लोग शहडोल के डीएफओ श्रद्धा पेंद्रो के पारिवारिक सदस्य थे। वे सभी नरसरहा डिपो स्थित आवास पर भोजन करने के बाद एक निजी यात्रा पर निकले थे। वाहन में सवार लोग इस हादसे का शिकार हुएजिसमें बोलेरो चालक इजहार खान की मौत हो गईऔर अन्य छह लोग घायल हो गए।
घायलों में श्रेया मर्सकोले (20)भानुशी मरावी (20)भगवंती मर्सकोले (20)जूही बनर्जी (22)साक्षी मर्सकोले (22) और मीनाक्षी मर्सकोले (26) शामिल हैं। इनमें से भगवंती मर्सकोले और मीनाक्षी मर्सकोले की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया है। हादसे के वक्त मीनाक्षी वाहन की अगली सीट पर बैठी थीं।
हादसे की सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शहडोल जिला अस्पताल की मर्चुरी में भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में ले लिया है।
इस हादसे ने एक बार फिर शासकीय वाहनों के निजी उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि शासकीय वाहन का निजी कार्यों के लिए इस्तेमाल करना कानूनी और नैतिक दोनों ही दृष्टियों से गलत है। इस घटना से यह भी साबित होता है कि सड़क सुरक्षा के नियमों और जागरूकता की कमी कहीं न कहीं इन हादसों का कारण बनती है।
पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की पूरी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क किनारे खड़े ट्रक को लेकर आगे की जांच की जाएगीताकि यह पता चल सके कि वह किस कारण से खड़ा थाऔर क्या कोई ट्रक चालक या अन्य व्यक्ति लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। यह घटना उमरिया जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर एक सवाल खड़ा करती हैऔर यह भी दर्शाती है कि आने वाले समय में यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
