देवास । नर्मदा नदी के पुराने पुल पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने उफनती लहरों के बीच मौत की छलांग लगा दी। हालांकिइस घटना में ‘जाको राखे साइयांमार सके न कोय’ वाली कहावत चरितार्थ हुई। महिला जिस स्थान पर कूदीवहां पास ही एक नाविक मौजूद थाजिसने बिना समय गंवाए पानी में कूदकर महिला की जान बचा ली।
बहादुर नाविक ने पेश की मानवता की मिसाल
शनिवार को देवास और हरदा जिले को जोड़ने वाले पुराने पुल पर अचानक उस समय सनसनी फैल गईजब ग्राम सवासड़ा की रहने वाली आशाबाई कोरकू ने नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसारमहिला जैसे ही पानी में गिरीपास ही मौजूद नाविक प्रेमलाल केवट ने तुरंत फुर्ती दिखाई। प्रेमलाल ने अपनी नाव से नदी में छलांग लगाई और डूब रही महिला को सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में अन्य लोगों की मदद से महिला को नाव के जरिए किनारे लाया गया।
मानसिक रूप से अस्वस्थ है महिला
मानसिक रूप से अस्वस्थ है महिला
घटना की सूचना मिलते ही नेमावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पूछताछ में पता चला कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं हैजिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। नेमावर थाने के एसआई विजय सिंह बैस ने बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने तत्काल महिला के परिजनों को सूचना दी और उन्हें थाने बुलवाकर समझाइश के साथ महिला को उनके सुपुर्द कर दिया। परिजनों को हिदायत दी गई है कि महिला को अकेला न छोड़ें।
खतरे का केंद्र बनता पुराना पुल
गौरतलब है कि नेमावर का यह पुराना पुल बीते दो दिनों से दुखद खबरों का केंद्र बना हुआ है। बीते शुक्रवार को ही हरदा जिले के छोटी हरदा निवासी गणेश नामक युवक ने इसी पुल से छलांग लगा दी थीजिसकी डूबने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पुल पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। नायक नाविक प्रेमलाल केवटजिनकी तत्परता से बची जान।पीड़िता आशाबाई कोरकूनिवासी ग्राम सवासड़ा।वजह प्रारंभिक जांच में मानसिक अस्वस्थता सामने आई।चेतावनी एक दिन पूर्व इसी स्थान पर एक युवक की डूबने से हुई थी मौत।
