FIR दर्ज, पुलिस कार्रवाई
रेमन कक्कर ने बताया कि 3 अप्रैल को मुंबई से इंदौर लौटने के बाद उन्हें पता चला कि जमीन पर कब्जा हो रहा है। उन्होंने तुरंत लसूड़िया थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने प्रारंभ में FIR दर्ज करने में देरी की, लेकिन देर रात टीआई के आने पर मामला दर्ज किया गया।
जमीन का इतिहास
रेमन ने बताया कि उनकी 6.84 एकड़ जमीन देवास नाके पर है, जिसमें से 1.25 एकड़ जमीन इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) को सड़क निर्माण और विकास के लिए दी गई थी। यह जमीन उनके पिता ने 1964 में खरीदी थी। उनका कहना है कि जमीन को विकास के लिए फ्री में दिया गया था, जिसकी कीमत 70 करोड़ से अधिक है। ऐसे में वहां शराब की दुकान खोलना नियमों के खिलाफ है।
भाई ने भी आरोपों की पुष्टि की
रेमन के भाई रणधीर सलूजा ने कहा कि सूरज रजक ने थाने में आवेदन देकर सरकारी जमीन पर वाइन शॉप का निर्माण करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर IDA से सड़क के लिए ली गई जमीन पर कोई शराब दुकान खोलना चाहता है, तो यह गैरकानूनी है। पहले आबकारी विभाग से अलॉटमेंट लेना जरूरी है।
यह जमीन मुख्य सड़क पर स्थित है और इसकी कीमत 300 करोड़ रुपए बताई जा रही है। सूरज रजक ने हाल ही में 150 करोड़ रुपए में शराब ठेका लिया है। रेमन का कहना है कि नियमों के बावजूद दुकान खोलने की कोशिश की गई। वहीं, 2025 में भी सूरज रजक और उनके सुरक्षाकर्मियों पर कनाड़िया क्षेत्र में किसान से मारपीट और हवाई फायरिंग के आरोप लगे थे।
रेमन की अपील
रेमन कक्कर ने कहा कि IDA को भी इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और FIR कराना चाहिए, ताकि जमीन पर किसी भी तरह का गैरकानूनी कब्जा रोका जा सके।
