जानकारी के अनुसार विधायक आरिफ मसूद के साले रिजवान और भांजे एहतिशाम पर आरोप है कि उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर मौलाना के साथ कथित रूप से मारपीट की। बताया जा रहा है कि यह विवाद एक सार्वजनिक बयान को लेकर शुरू हुआ। पीड़ित मौलाना ने बुरहानपुर में दिए गए एक बयान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी जिससे विधायक पक्ष नाराज बताया जा रहा है। इसी नाराजगी के चलते विवाद बढ़ा और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
आरोप है कि जहांगीराबाद थाने के सामने अचानक करीब एक दर्जन लोग पहुंचे और मौलाना के साथ मारपीट की। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद कुछ ही देर में उग्र हो गया। हालांकि पुलिस ने मामले में शिकायत मिलने की पुष्टि की है और जांच शुरू कर दी है।
इस घटना के बाद सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कमेटी के अध्यक्ष शमशुल हसन ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक समुदाय के हितैषी होने का दावा करते हैं लेकिन उनके करीबी ही समुदाय के लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं।
कमेटी की ओर से पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं विधायक पक्ष की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घटना ने राजधानी की सियासत को गरमा दिया है। एक ओर जहां विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर हमलावर हो सकते हैं वहीं कांग्रेस के लिए भी यह मामला असहज स्थिति पैदा कर सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
