3 घंटे में कटा 72 फीट लंबा पीतल पट्ट, अब होगी प्रिंटिंग
रविवार को इस 72 फीट लंबे और 5 इंच चौड़े पीतल पट्ट को काटने का काम पूरा किया गया। इस प्रक्रिया में करीब 3 घंटे 10 मिनट का समय लगा। खास बात यह है कि इतने लंबे पट्ट का वजन लगभग 1 किलो ही है, जिससे इसे संभालना और प्रदर्शित करना आसान रहेगा। अब सोमवार को इस पर 193 देशों के प्रतीक चिन्हों की प्रिंटिंग की जाएगी, जिसके बाद 14 अप्रैल को इसे औपचारिक रूप से जारी किया जाएगा।
एडवोकेट लोकेश मंगल की पहल, 80 वकीलों का सहयोग
इस अनोखे प्रोजेक्ट को लोकेश मंगल के नेतृत्व में तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए उन्हें थावरचंद गेहलोत से प्रेरणा मिली है। इस पहल में करीब 80 वकीलों का सहयोग मिल रहा है, जो इसे सफल बनाने में जुटे हैं। इससे पहले भी लोकेश मंगल पीतल पर कई रचनात्मक कार्य कर चुके हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट अपने आप में बेहद खास और बड़ा है।
फोल्ड कर ले जा सकेंगे, विश्व शांति का संदेश बनेगा पहचान
इस पीतल पट्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे फोल्ड करके आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकेगा। 193 देशों के प्रतीक चिन्हों के साथ यह पट्ट एक तरह से वैश्विक एकता और शांति का प्रतीक बनेगा। आयोजकों का कहना है कि “सर्वेभवन्तु: सुखिन:” के संदेश को केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
आंबेडकर जयंती पर होगा भव्य विमोचन
14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर इस पीतल पट्ट का विमोचन किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग इस अनूठी कृति को देखने पहुंच सकते हैं। यह पहल न केवल आंबेडकर के विचारों को सम्मान देती है, बल्कि संविधान और विश्व शांति के संदेश को भी मजबूत करती है।
