यह पूरा मामला सरकारी खजाने में सेंधमारी और उन बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ का है, जिनके लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भेजती है। जांच के दौरान सामने आया कि यह घोटाला करीब 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपये का है। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से दस्तावेजों में हेरफेर कर ‘गांव की बेटी योजना’ के लिए आवंटित राशि का गबन किया। प्रकाश बंजारे पर आरोप है कि उसने पद का दुरुपयोग करते हुए इस वित्तीय अनियमितता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सरकारी धन को अवैध रूप से ठिकाने लगाने में मदद की।
बैतूल पुलिस इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। विभाग के भीतर चल रहे इस सिंडिकेट का भंडाफोड़ होने के बाद से ही पुलिस की टीमें कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई थीं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी प्रकाश से पूछताछ में इस घोटाले के कुछ और बड़े नामों और बैंक खातों की जानकारी सामने आ सकती है, जहाँ गबन की गई राशि ट्रांसफर की गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद जेएच कॉलेज और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। छात्राओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं में इतने बड़े स्तर पर सेंधमारी ने प्रशासनिक सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पड़ताल कर रही है कि क्या इस घोटाले की जड़ें कॉलेज प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक भी फैली हुई हैं। फिलहाल, प्रकाश बंजारे की गिरफ्तारी को इस करोड़ों के घोटाले के खुलासे में एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
