पोस्टर कुचले गए, नारेबाजी तेज
कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टर जमीन पर रखकर पैरों से कुचल दिए। साथ ही “इजराइल मुर्दाबाद” और “अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे भी लगाए गए।
मौलाना रजी-उल-हसन हैदरी का भाषण
मौलाना हैदरी ने कहा, “दुनिया में जालिम ताकतें मजलूमों का खून बहा रही हैं। चाहे इजराइल हो या अमेरिका, उनके हाथ मासूमों के खून से रंगे हुए हैं।” उन्होंने ट्रंप पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की और समाज में मुसलमानों को शिक्षा में आगे बढ़ने की सलाह दी।
शिक्षा और एकता पर जोर
मौलाना ने कहा, “कुछ लोग कहते हैं भूखे रहेंगे लेकिन तालीम जरूर हासिल करेंगे। इसी तालीम से दुनिया की सियासत और टेक्नोलॉजी में असर दिखता है।”
सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने कहा, “मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है, इसका कारण हमारी बेइत्तहादी है। हमें आपस में लड़ने के बजाय एकजुट होना चाहिए।”
खामनेई की मिसाल और उम्मत के लिए पैगाम
रिजवी ने आगे कहा कि सैयद अली खामनेई ने हमेशा जालिम ताकतों के खिलाफ आवाज उठाई। एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने खामनेई को उम्मत को एकता का पैगाम देने वाला नेता बताया।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने आयतुल्लाह सैयद अली खामनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
