सूत्रों के अनुसार आरोपी विधायक पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए ऑस्ट्रेलिया भाग गए थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए भारत लौटने के पांच दिन बाद पटियाला पुलिस ने दो दिन के लगातार ऑपरेशन के बाद उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ तीन साथी भी हिरासत में लिए गए। सभी आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पंजाब ले जाया गया।
शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि इस मामले में शिवपुरी पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। पटियाला पुलिस ने यह कार्रवाई पूरी तरह सुनियोजित तरीके से की थी और दो दिन की ट्रैकिंग के बाद विधायक को गिरफ्तार कर सीधे पंजाब ले गई।
हरमीत पठानमाजरा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था। उनके खिलाफ पहले कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था। पटियाला एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि क्योंकि विधायक भगोड़ा घोषित थे इसलिए स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की जानकारी देना आवश्यक नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर विधायक भगोड़ा घोषित नहीं होते तो स्थानीय पुलिस को अवश्य सूचित किया जाता।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के पांच दिन बाद ही की गई थी। पटियाला पुलिस ने दो दिन की निगरानी के बाद उन्हें ग्वालियर से शिवपुरी की ओर आने वाले बायपास पर दबोच लिया। उनके साथ मौजूद तीन साथियों को भी हिरासत में ले लिया गया। अब सभी आरोपियों को पंजाब ले जाकर मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस गिरफ्तारी ने विधायकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भगोड़ा मामलों की संवेदनशीलता को फिर से उजागर किया है। पुलिस ने यह साफ किया कि आरोपियों के भागने और विदेश जाने की स्थिति में राष्ट्रीय और राज्य स्तर की कार्रवाई एक साथ की जा सकती है। इस प्रकार की सुनियोजित कार्रवाई कानून व्यवस्था के मजबूत संकेत के रूप में देखी जा रही है।
शिवपुरी से यह गिरफ्तारी यह भी दिखाती है कि पुलिस टीमें राज्य की सीमाओं के पार जाकर भी अभियुक्तों को पकड़ने में सक्षम हैं। मामले की कानूनी प्रक्रिया अब पंजाब में चल रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
