विधायक का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण से कई परिवारों की रोजी रोटी प्रभावित होगी लेकिन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी है। अनिल जैन ने जनता से वादा किया कि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह सड़क पर जनता के साथ खड़े रहेंगे। जानकारी के अनुसार भैरवगढ़ रोड के किनारे लगभग 410 घर हैं। इनमें से कई बच्चों के बोर्ड एग्जाम भी चल रहे हैं। नगर निगम ने 7 दिन में घर खाली करने का नोटिस जारी किया है। नोटिस के मुताबिक कई घरों का हिस्सा 10 फीट से 20 फीट तक ही बचेगा जबकि बाकी को बुलडोजर से तोड़ने की तैयारी है।
नोटिस मिलने के बाद स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने विधायक के कार्यालय का घेराव किया और सरकार व विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विधायक ने कहा कि यदि सड़क 24 मीटर से अधिक चौड़ी हुई तो वह खुद सड़क पर उतरकर जनता का समर्थन करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण 150 फीट की योजना से शुरू हुई थी जिसे बाद में घटाकर 100 फीट कर दिया गया। वहीं निवासी 80 फीट चौड़ी सड़क की मांग कर रहे हैं ताकि कई घरों के टूटने से बचा जा सके।
अनिल जैन ने कहा कि जनता की भावना का सम्मान करना उनका फर्ज है। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से कहा कि प्रशासन और अधिकारी कभी कभी मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दे देते हैं जिससे जनता को परेशानी होती है। यह कोई पहली बार नहीं है जब विधायक सरकार के खिलाफ मुखर हुए हैं। पहले वे लैंड पूलिंग एक्ट के विरोध में भी सामने आ चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी थी कि यदि एक्ट वापस नहीं लिया गया तो वे किसानों के विरोध में शामिल होंगे।
विधायक ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान उन्होंने सरकार की लैंड पूलिंग स्कीम का समर्थन किया था। लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि यह स्कीम अभी भी लागू है जिसके चलते उन्होंने किसानों के हित और सम्मान में विरोध जारी रखने का निर्णय लिया। स्थानीय प्रशासन जल्द ही साइट पर सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू करने की तैयारी कर रहा है जबकि विधायक और जनता की मांगों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
