यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान सरकारी नीतियां कर्मचारियों के हितों पर प्रतिकूल असर डाल रही हैं और सरकार को श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाना चाहिए। यूनियन की प्रमुख मांगों में सामान्य भर्ती प्रक्रिया शुरू करना, निजीकरण और निगमीकरण की नीति वापस लेना तथा कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना शामिल है।
बीएमएस पदाधिकारियों ने आठवें वेतन आयोग के अनुरूप पीएल-बी भुगतान की मांग रखी। उन्होंने ठेका प्रथा बंद कर कर्मचारियों का नियमितीकरण करने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त, लेबर लॉ की कमियों को दूर कर इसे सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों पर बिना किसी छूट के लागू करने की मांग भी की गई। यूनियन ने भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 के तहत बोनस पात्रता सीमा बढ़ाने और रक्षा मंत्रालय के अधीन औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की भी मांग रखी।
ज्ञापन में केंद्र सरकार के विभागों और संस्थानों में कार्यरत संविदा व अस्थायी श्रमिकों के नियमितीकरण, जेसीएम की प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्तरीय परिषद की बैठकों को त्रैमासिक अंतराल पर आयोजित करने, यूपीएस और एनपीएस को समाप्त कर सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CCS Pension Rules, 2021 बहाल करने जैसी मांगें शामिल थीं।
इस अवसर पर भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ के जेसीएम सदस्य अमित बाजपेई, यूनियन अध्यक्ष कुलदीप चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र मेघवाल, महामंत्री कृष्णा शर्मा, राजेश रोशन, योगेश पटेल और अतुल सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन ने आयुध निर्माणी में कर्मचारियों के अधिकारों और श्रम कानून सुधार की अहमियत को उजागर किया और प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया। कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन, बोनस और स्वास्थ्य सुविधाओं में स्थायी सुधार की मांग को लेकर दृढ़ हैं और आने वाले दिनों में आंदोलन जारी रहने की संभावना है
