ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने आगामी 25 दिसंबर को प्रस्तावित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर कमर कस ली है। इस महत्वपूर्ण दौरे को ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रभारी मंत्री ने एक अनोखा ऑफर पेश किया है। उन्होंने भाजपा पार्षद दल की बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो पार्षद कार्यक्रम में 200 लोगों की भीड़ लेकर आएगाउसके वार्ड में 2 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव पास कराए जाएंगे।
बाल भवन में हुई पार्षद दल की बैठक
नगर निगम के बाल भवन स्थित नवीन टीएलसी कक्ष में आयोजित इस बैठक में प्रभारी मंत्री ने पार्षदों के साथ सीधा संवाद किया। बैठक का मुख्य एजेंडा अमित शाह के भव्य स्वागत और जनसभा में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना था। सिलावट ने प्रत्येक पार्षद को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 200-200 लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाना है।
वाहनों की चिंता छोड़ेंहम करेंगे व्यवस्था
बैठक के दौरान जब पार्षदों ने लोगों को लाने-ले जाने के संसाधनों पर सवाल उठाएतो प्रभारी मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने कहा”वाहनों की चिंता आप लोग बिल्कुल न करेंवह सारी व्यवस्था हम सरकार संगठन कराएंगे। आपका काम बस लोगों को प्रेरित कर कार्यक्रम तक पहुंचाना है।
कार्यकाल खत्म होने से पहले पूरे होंगे काम
मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पार्षदों को लुभाते हुए कहा कि अब आप लोगों के कार्यकाल में केवल डेढ़ साल का समय शेष रह गया हैइसलिए विकास की रफ्तार बढ़ाने का यह सही मौका है। उन्होंने प्रत्येक पार्षद को दो-दो करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। जब पार्षदों ने बजट और वित्तीय वर्ष को लेकर सवाल कियातो मंत्री ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया”आपका कार्यकाल समाप्त होने से पहले ये सभी काम जमीन पर उतर जाएंगे।
सीएम से मुलाकात का भी बोनस ऑफर
भीड़ जुटाने के इस टारगेट के साथ प्रभारी मंत्री ने एक और बड़ा दांव खेला है। उन्होंने पार्षदों को मुख्यमंत्री से मुलाकात करवाने का भी ऑफर दिया। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए पार्टी स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना चाहती है ताकि केंद्रीय नेतृत्व के सामने ग्वालियर की ताकत दिखाई जा सके मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 दिसंबर । टारगेट प्रति वार्ड कम से कम 200 लोगों की उपस्थिति। इनाम प्रति पार्षद 2 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति। रणनीति कार्यकाल समाप्त होने से पहले विकास कार्यों को गति देना।
